Saturday, April 20, 2024
Homeदेश-समाजनिधि त्रिपाठी सहित ABVP कार्यकर्ताओं को उठा कर ले गई तमिलनाडु पुलिस, लावाण्या आत्महत्या...

निधि त्रिपाठी सहित ABVP कार्यकर्ताओं को उठा कर ले गई तमिलनाडु पुलिस, लावाण्या आत्महत्या मामले में न्याय की माँग कर रहे थे

इस गिरफ़्तारी को 'गैर-कानूनी' बताते हुए नई दिल्ली के चाणक्यपुरी के कौटिल्य मार्ग स्थित 'तमिलनाडु हाउस' के सामने मंगलवार (15 जनवरी, 2022) को विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है।

तमिलनाडु में ईसाई धर्मांतरण का विरोध करने पर लावण्या नाम की छात्रा को स्कूल मिशनरियों द्वारा प्रताड़ित किया गया, जिससे उसे आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। ‘अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP)’ इस मामले में लगातार मुखर है और तमिलनाडु में इसके पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। ABVP ने आरोप लगाया कि लावण्या आत्महत्या मामले में विरोध प्रदर्शन कर रहे उसका कार्यकर्ताओं को तमिलनाडु पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

गिरफ्तार किए गए ABVP कर्यकर्ताओं में संगठन की राष्ट्रीय जनरल सेक्रेटरी निधि त्रिपाठी भी शामिल हैं। ये सभी तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। ABVP ने कहा कि राज्य की सत्ताधारी ‘द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK)’ ने ये कार्रवाई की है। संगठन ने कहा, “हम DMK के नेतृत्व वाली सरकार की इस कार्रवाई की निंदा करते हैं। आप पुलिस का उपयोग कर के हमारी आवाज़ों को नहीं दबा सकते। जब तक लावण्या को न्याय नहीं मिल जाता, हम ये लड़ाई लड़ते रहेंगे।”

निधि त्रिपाठी सहित अन्य ABVP कार्यकर्ताओं ने तमिलनाडु सरकार का पुतला दहन कर के अपना विरोध जताया। इस गिरफ़्तारी को ‘गैर-कानूनी’ बताते हुए नई दिल्ली के चाणक्यपुरी के कौटिल्य मार्ग स्थित ‘तमिलनाडु हाउस’ के सामने मंगलवार (15 जनवरी, 2022) को विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है। संगठन ने इसे DMK सरकार का ‘संवेदनहीन और तानाशाही’ रवैया बताते हुए कहा कि वो इसकी कड़ी निंदा करता है। ये लोग मुख्यमंत्री स्टालिन के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।

उधर सुप्रीम कोर्ट ने लावण्या आत्महत्या मामले में मद्रास हाईकोर्ट के फैसले में दखल देने से मना कर दिया है। तमिलनाडु सरकार ने मद्रास हाईकोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी जिसमें लावण्या आत्महत्या मामले की जाँच CBI से करवाने का आदेश दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से इस मामले को ‘प्रतिष्ठा का विषय’ न बनाने के लिए भी कहा। अदालत ने कहा, “इस केस में बहुत कुछ हुआ है।” यह आदेश सोमवार (14 फरवरी, 2022) को दिया गया।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बच्चा अगर पोर्न देखे तो अपराध नहीं भी… लेकिन पोर्नोग्राफी में बच्चे का इस्तेमाल अपराध: बाल अश्लील कंटेंट डाउनलोड के मामले में CJI चंद्रचूड़

सुप्रीम कोर्ट ने चाइल्ड पॉर्नोग्राफी से जुड़े मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।

मोहम्मद जमालुद्दीन और राजीव मुखर्जी सस्पेंड, रामनवमी पर जब पश्चिम बंगाल में हो रही थी हिंसा… तब ये दोनों पुलिस अधिकारी थे लापरवाह: चला...

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में रामनवमी पर हुई हिंसा को रोक पाने में नाकाम थाना प्रभारी स्तर के 2 अधिकारियों को सस्पेंड किया।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe