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‘शैक्षणिक संस्थान शिक्षा के लिए, धर्म प्रचार के नहीं’: राजस्थान के स्कूलों में हिजाब बैन की माँग को लेकर अनशन पर बैठी मुस्लिम लड़की, कहा- CAA और UCC भी लागू हो

स्कूलों में हिजाब पर प्रतिबंध लागने की माँग को लेकर मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखने वाली गुजरात की तंजिम मेरानी अपने पिता के साथ पिछले तीन दिनों से जयपुर सांगनेर में अनशन पर बैठी हैं। तंजिम का कहना है कि स्कूल-कॉलेज में हिजाब पर पाबंदी लगी चाहिए। इसको लेकर तंजिम उन्हें धमकियाँ भी मिल रही हैं।

कर्नाटक के बाद अब राजस्थान में हिजाब का हिजाब गर्म है। राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर भी कह चुके हैं कि स्कूलों में ड्रेस कोड लागू होगा। अब स्कूलों में हिजाब पर प्रतिबंध लागने की माँग को लेकर मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखने वाली गुजरात की तंजिम मेरानी अपने पिता के साथ पिछले तीन दिनों से जयपुर सांगनेर में अनशन पर बैठी हैं।

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, तंजिम मेरानी वही महिला हैं, जो कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहरा चुकी हैं। अब वो स्कूलों में हिजाब पहनने की खिलाफत कर रही हैं। तंजिम का कहना है कि शैक्षणिक संस्थानों में लोग शिक्षा के लिए जाते हैं, न कि धर्म का प्रचार करने के लिए। इसलिए स्कूल-कॉलेज में हिजाब पर पाबंदी लगी चाहिए। इसको लेकर तंजिम उन्हें धमकियाँ भी मिल रही हैं।

तंजिम का कहना है कि भले ही कट्टरपंथी उन्हें धमकियाँ दें, लेकिन उन्हें इन धमकियों से डर नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले भी उनके खिलाफ कई फतवे जारी हुए हैं। तंजिम ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर पूर्ण प्रतिबंध के साथ नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) को लागू करने तक आंदोलन जारी रहेगा।

उन्होंने भाजपा सरकार से प्रदेश के सभी स्कूलों में हिजाब पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही राज्य में नागरिक संशोधन कानून और समान नागरिक संहिता जल्द-से-जल्द लागू करने की माँग की है। उन्होंने कहा, “मैं मुस्लिम समाज से आती हूँ। इसका मतलब ये नहीं कि मैं स्कूल-कॉलेज और सरकारी दफ्तरों में हिजाब पहनूँ। इसलिए राजस्थान से हिजाब के खिलाफ आंदोलन शुरू किया है, जो पूरे देश में चलेगा।”

तंजिम के पिता अमीर मेरानी भी अपनी बेटी की बातों से इत्तेफाक रखते हैं। अमीर ने कहा कि जो गलत है, वो गलत है। उसका विरोध होना चाहिए। उन्होंने कहा कि तंजीम के खिलाफ कई फतवे जारी हुए हैं, लेकिन डरने से बदलाव नहीं आएगा। इसलिए वो भी अपनी बेटी के साथ कंधे-से-कंधा मिलाकर खड़े हैं। उन्होंने पूछा, “कल कोई मुस्लिम लड़की कलेक्टर बन जाएगी तो क्या कुर्सी पर हिजाब पहनकर बैठेगी?”

बता दें कि अहमदाबाद शहर की न्यू ट्यूलिप इंटरनैशनल स्कूल की छात्रा तंजिम मेरानी अगस्त 2017 में श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया था। इसके साथ ही उन्होंने वहाँ रक्षाबंधन का त्यौहार भी मनाया था। तंजिम साल 2016 में 15 अगस्त को भी तिरंगा फहराने श्रीनगर पहुँची थीं, लेकिन सिक्योरिटी के मद्देनजर उन्हें श्रीनगर एयरपोर्ट से ही वापस भेज दिया गया था।

राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने 30 जनवरी 2024 को राज्य के सभी स्कूलों में माँ सरस्वती की मूर्ति स्थापित और ड्रेस कोड लागू करने का आदेश दिया था। आदेश में कहा गया था कि सभी सरकारी और निजी स्कूलों में माँ सरस्वती की मूर्ति लगाना अनिवार्य होगा और यह मूर्ति स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगाई जाएगी। इसके अलावा सभी स्कूलों में छात्रों के लिए ड्रेस कोड लागू किया जाएगा। यह ड्रेस कोड छात्रों की उम्र और लिंग के आधार पर निर्धारित किया जाएगा।

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का कहना था कि वर्तमान में स्कूल में जो हालात बने हुए हैं उसके लिए वे जाँच के आदेश देंगे। शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि वे स्कूलों में वे धर्मांतरण नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि जिस स्कूल में माँ सरस्वती की तस्वीर नहीं होगी उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि स्कूलों में ड्रेस कोड ही लागू होंगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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