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UP में अब रोड पर नहीं पढ़ सकेंगे नमाज, धार्मिक आयोजनों के लिए भी प्रशासन से लेनी होगी अनुमति

बीते दिनों अलीगढ़ में सड़कों पर नमाज पढ़ने के विरोध में मंगलवार को सड़क पर हनुमान चालीसा का पाठ शुरू हो गया था। उसके बाद सड़क पर नमाज और आरती पर रोक लगा दी गई थी।

उत्तर प्रदेश में प्रशासन ने जनसुविधा का ख्याल रखते हुए फैसला लिया है कि अब न सड़कों पर नमाज पढ़ी जाएगी और न ही किसी प्रकार का धार्मिक आयोजन होगा। मेरठ और अलीगढ़ में हाल में ही यह पाबंदी लगाई गई थी। प्रशासन ने अब यह मॉडल पूरे राज्य में लागू करने का फैसला किया है।

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने बताया है कि अब सड़क पर ऐसे किसी धार्मिक आयोजन की अनुमति नहीं होगी, जिससे लोगों को असुविधा हो। खबर की मानें तो कुछ लोगों द्वारा सड़क पर नमाज पढ़ने से रोकने पर विरोध किया गया, लेकिन कई जगह ऐसी भी सुनने में आई जहाँ मुस्लिम समुदाय के लोगों ने व्यापक स्तर पर इस पहल का स्वागत किया।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर चप्पे-चप्पे पर कड़ी सुरक्षा के निर्देश दिए गए हैं। जिसके मुताबिक कहा गया है कि अलीगढ़ व मेरठ की तरह सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे धार्मिक आयोजन न हों, जिससे व्यवधान पैदा हो और यातायात प्रभावित हो।

डीजीपी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के साथ सभी स्थानों पर सघन चेकिंग करने फुट पेट्रोलिंग किए जाने व हर संदिग्ध पर कड़ी निगाह रखे जाने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने का निर्देश भी दिया गया है।

गौरतलब है कि बीते दिनों अलीगढ़ में सड़कों पर नमाज पढ़ने के विरोध में मंगलवार को सड़क पर हनुमान चालीसा का पाठ शुरू हो गया था। जिससे आमजन को यातायात संबंधी काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इसके अलावा शांति-व्यवस्था के बिगड़ने का भी खतरा बना रहता था।

2 महीने पहले 9 जून को अलीगढ़ के सासनी गेट क्षेत्र में सड़क पर आरती से जाम लग गया था, जिसके बाद डीएम चंद्रभूषण सिंह ने सड़क पर नमाज व आरती पर रोक लगा दी थी।

इस फैसले के बाद कई जगह पर नमाज पढ़ने को लेकर दूसरे समुदाय के लोगों द्वारा प्रदर्शन किया गया था। साथ ही हिंदू समुदाय के लोगों ने भी सड़कों पर भजन-कीर्तन शुरू कर दिया था।

बीते सोमवार (अगस्त 12, 2019) को तो आगरा में नमाज के लिए सड़क जाम किए जाने से गुस्साए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने चौराहे पर ही हनुमान चालीसा का पाठ करना शुरू कर दिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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