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‘गणतंत्र किसी के बाप की जागीर है, ट्रैक्टर रोके तो बकल उतार दिए जाएँगे, बैरिकेड्स तोड़ेंगे’: टिकैत और चढूनी ने खुलेआम दी थी धमकी

"उस दिन हमने सभी किसानों से कहा है कि वो तैयारी कर के अपने ट्रैक्टरों के साथ आ जाएँ और हम सब जबरदस्ती पुलिस की बैरिकेड्स तोड़ कर दिल्ली में घुसेंगे। सरकार गोली मारे, लाठी मारे या जो करना है करे। लेकिन, ये फाइनल मैच होगा..."

दीप सिंह सिद्धू तो खालिस्तानी समर्थक है ही और वो उस गिरोह का भी सदस्य है, जो ‘किसान आंदोलन’ के पीछे है और जिसे गणतंत्र दिवस के दिन ‘किसानों’ की ट्रैक्टर रैली के दौरान दिन भर हिंसा की। एक दीप सिद्धू ही नहीं, बल्कि इसी गिरोह के कई नेता हैं जिन्होंने हिंसा की धमकी दी थी। किस-किस से पल्ला झाड़ेंगे? यहाँ हम 2 किसान नेताओं राकेश टिकैत और गुरनाम सिंह चढूनी के 2 धमकी भरे बयानों के बारे में बताएँगे, जिनसे पता चलता था कि गणतंत्र दिवस को क्या होने वाला है।

नीचे संलग्न किए गए वीडियो में टिकैत कहते सुनाई दे रहे हैं, “देश को गणतंत्र दिवस मनाने का अधिकार है। किसी के बाप की जागीर है गणतंत्र दिवस। ये गणतंत्र दिवस दुनिया का किसान मनाएगा। दुनिया की सबसे बड़ी परेड होगा। कौन रोकेगा किसान को। अगर ट्रैक्टर को रोका गया तो उसका इलाज होगा। अगर किसी ने रोका तो उसकी बकल उतार दी जाएगी। कौन रोकेगा ट्रैक्टर को? कोई नहीं रोकेगा। खबरदार जो किसी ने भी ट्रैक्टर को रोका। आप बकवास कर रहे हैं।”

वहीं एक बयान है गुरनाम सिंह चढूनी का। इसमें वो कहते हैं, “हमें बुलाने का मकसद क्या है? खाली तारीख देने के लिए बैठक बुलाती है सरकार। उन्होंने 15 तारीख को आने को कहा और 7 लोगों को ही लाने के लिए बोला। अब 7 जाएँगे कि 60, ये तो हम फैसला कर के ही बताएँगे। लेकिन, बात ये है कि सरकार कुछ मानने को तैयार नहीं है। सरकार जिद पर अड़ गई है। हम 26 तारीख को सरकार को चेतावनी देने वाले हैं।”

मंगलवार (जनवरी 26, 2021) को प्रस्तावित हिंसा को लेकर उन्होंने तभी कहा था, “उस दिन हमने सभी किसानों से कहा है कि वो तैयारी कर के अपने ट्रैक्टरों के साथ आ जाएँ और हम सब जबरदस्ती पुलिस की बैरिकेड्स तोड़ कर दिल्ली में घुसेंगे। सरकार गोली मारे, लाठी मारे या जो करना है करे। लेकिन, ये फाइनल मैच होगा। उस दिन जो भी होगा, वो सरकार की जिम्मेदारी होगी। ये हमारी बात नहीं सुन रहे।”

किसान संगठनों ने ऐलान किया है कि फ़रवरी 1, 2021 को जब देश की संसद में बजट पेश किया जा रहा होगा, तब वो फिर से संसद की तरफ मार्च करेंगे। उन्होंने कहा कि मंगलवार (जनवरी 26, 2021) को हुई जबरदस्त हिंसा के बावजूद ये योजना स्थगित नहीं की गई है। किसान नेता राकेश टिकैत ने खालिस्तानी समर्थक दीप सिद्धू से पल्ला झाड़ते हुए उसे भाजपा का कार्यकर्ता बता दिया है। हिंसा पर उन्होंने कहा कि गलती पुलिस की है। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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