Homeदेश-समाज3 माह पहले शादी, 16 दिन तक मर्डर प्लानिंग: जानिए राजस्थान में आशीष का...

3 माह पहले शादी, 16 दिन तक मर्डर प्लानिंग: जानिए राजस्थान में आशीष का कैसे हुआ ‘राजा रघुवंशी’ वाला हाल, आशिक के चक्कर में अंजलि ने ली पति की जान

अंजली के इशारों पर तीनों आरोपित अचानक बाहर निकले और आशीष पर डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। आशीष जमीन पर गिर पड़ा, लेकिन उसकी सांसें अभी चल रही थीं। यह देखकर आरोपितों ने उसके गले में मफलर डालकर पूरी ताकत से गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के रावला थाना क्षेत्र में खौफनाक हत्या का मामला सामने आया है। यहाँ शादी के महज तीन महीने बाद एक पत्नी ने अपने ही पति को मौत के घाट उतारने की ऐसी साजिश रची, जिसे जानकर हर कोई सन्न रह गया। यह हत्या अचानक नहीं हुई, बल्कि इसके पीछे महीनों से की जा रही सोची-समझी प्लानिंग थी।

इस हत्या की प्लानिंग इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड की तरह थी, जहाँ राजा की पत्नी सोनम रघुवंशी ने प्रेमी राज के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी और घुमाने के नाम पर मौत के घाट उतार दिया था।

7 साल का प्रेम संबंध, जिसे परिवार भी जानता था

सादुलशहर निवासी अर्जु उर्फ अंजली (23) और संजय उर्फ संजू (25) पिछले करीब 6 से 7 साल से एक-दूसरे के प्रेम संबंध में थे। दोनों श्रीगंगानगर के एक ही कॉलेज में पढ़ते थे। पढ़ाई के दौरान दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। दोनों अक्सर मिलते-जुलते रहते थे और एक-दूसरे के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं करते थे।

इस रिश्ते की जानकारी अंजली के परिजनों को भी थी, लेकिन सामाजिक दबाव, पारिवारिक प्रतिष्ठा और अन्य कारणों से उन्होंने अंजली की शादी रावला निवासी आशीष कुमार (27) से कर दी। आशीष पढ़ा-लिखा युवक था, जिसने Msc कर रखी थी और हाल ही में एक निजी स्कूल में शिक्षक के पद पर नौकरी शुरू की थी।

30 अक्टूबर 2025 को अंजली और आशीष की शादी हुई। लेकिन यह शादी अंजली की मर्जी से नहीं थी। शादी के बाद भी उसका मन अपने प्रेमी संजय में ही अटका रहा। वहीं संजय भी इस शादी से बेहद परेशान था और लगातार अंजली के संपर्क में बना हुआ था।

शादी के बाद बढ़ता तनाव और पढ़ाई का बहाना

शादी के बाद अंजली ससुराल में खुश नहीं थी। उसे लगने लगा कि अब वह संजय से दूर हो गई है और शायद दोबारा कभी उसके साथ नहीं रह पाएगी। इसी बेचैनी में उसने श्रीगंगानगर में MA की पढ़ाई करने का बहाना बनाया और पति आशीष से वहाँ जाकर रहने की इजाजत माँगी। अंजली की योजना पढ़ाई के नाम पर संजय के साथ दोबारा नजदीकी बढ़ाना।

लेकिन आशीष ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। उसने साफ कह दिया कि वह अकेले किसी दूसरे शहर में रहने की अनुमति नहीं देगा। आशीष के इस इनकार को अंजली ने प्रेम संबंध के रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट मान लिया। इसी नाराजगी को उसने संजय के साथ साझा किया और यहीं से एक खौफनाक साजिश की नींव पड़ी।

मायके में बनी मौत की योजना

हत्या से करीब 16 दिन पहले अंजली मायके गई। परिजनों को लगा कि वह कुछ दिन आराम करने और घरवालों से मिलने आई है, लेकिन असल में वह संजय से मिलने और आगे की योजना बनाने गई थी। इसी दौरान अंजली और संजय ने आशीष को रास्ते से हटाने का पूरा प्लान तैयार किया।

उन्होंने तय किया कि हत्या ऐसी जगह की जाएगी, जहाँ कोई गवाह न हो और बाद में उसे सड़क हादसा या लूट का रूप दिया जा सके। उन्होंने जगह, समय, हथियार और भागने के रास्ते तक की पूरी रूपरेखा बनाई। संजय ने अपने दो दोस्तों, रोहित उर्फ रॉकी और बादल उर्फ सिद्धार्थ को भी इस साजिश में शामिल कर लिया।

30 जनवरी की रात को घूमने के लिए ले गई बाहर

30 जनवरी 2026 की रात अंजली रोज की तरह आशीष के साथ खाना खाने के बाद उसे घूमने के लिए बाहर ले गई। आशीष को जरा भी अंदाजा नहीं था कि यह उसकी जिंदगी की आखिरी सैर होगी। अंजली उसे गाँव से बाहर एक सुनसान सड़क पर ले गई।

वहीं झाड़ियों में पहले से संजय अपने दोनों साथियों के साथ छिपा हुआ था। जैसे ही अंजली ने इशारा किया, तीनों आरोपित अचानक बाहर निकले और आशीष पर डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। आशीष जमीन पर गिर पड़ा, लेकिन उसकी सांसें अभी चल रही थीं।

यह देखकर आरोपितों ने उसके गले में मफलर डालकर पूरी ताकत से गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह पूरी वारदात कुछ ही मिनटों में अंजाम दे दी गई, लेकिन इसके पीछे की योजना कई दिनों से तैयार की जा रही थी।

हत्या के बाद गढ़ी हादसे और लूट की कहानी

हत्या के बाद अंजली ने खुद अपने कानों के झुमके और आशीष का मोबाइल फोन आरोपितों को दे दिया, ताकि मामला लूट जैसा लगे। योजना यह थी कि पुलिस को लगे कि किसी अज्ञात वाहन की टक्कर या लूट के दौरान आशीष की मौत हुई है।

अंजली खुद सड़क पर बेहोशी का नाटक करती हुई लेट गई। कुछ देर बाद परिजनों और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुँची और दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने आशीष को मृत घोषित कर दिया। शुरुआत में पुलिस ने मामला सड़क दुर्घटना मानकर जाँच शुरू की, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने पूरी कहानी पलट दी।

पोस्टमॉर्टम और तकनीकी जाँच से खुली साजिश

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में आशीष के सिर पर गंभीर चोटों और गले पर दबाव के स्पष्ट निशान मिले। डॉक्टरों ने साफ कहा कि यह सामान्य सड़क हादसा नहीं, बल्कि बेरहमी से की गई हत्या है। इसके बाद पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और एफएसएल जाँच शुरू की।

जाँच में सामने आया कि घटना से पहले और बाद में अंजली और संजय के बीच लगातार बातचीत हो रही थी। मोबाइल लोकेशन भी घटनास्थल के आसपास मिली। सख्ती से पूछताछ करने पर अंजली टूट गई और पूरी साजिश का खुलासा हो गया। पुलिस ने इस मामले में अंजली, उसके प्रेमी संजय और उसके दोनों साथी रोहित और बादल को गिरफ्तार कर लिया है।

तीनों युवकों को 5 दिन की और अंजली को 2 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस अब यह भी जाँच कर रही है कि क्या इस साजिश में कोई और व्यक्ति शामिल था, हत्या के लिए हथियार कहाँ से लाए गए और योजना कितने समय से बनाई जा रही थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

आतंकी भिंडरावाले की तारीफ से लेकर खालिस्तान के समर्थन तक: भारत विरोधी गुनिशा कौर से मिलिए, जो बनाई गई अमेरिका के USCIRF की कमिश्नर

गुनीशा ने 'सिख्स फॉर जस्टिस' के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू को 'सिख कार्यकर्ता' और मृत आतंकी हरदीप सिंह निज्जर को सिर्फ 'कनाडाई नागरिक' बताया।

कानपुर में ITBP जवानों के कमिश्नरेट घेराव की खबर फर्जी: माँ का हाथ काटने के मामले में पुलिस-CMO करेंगे दोबारा जाँच, जानें पूरा मामला

उत्तर प्रदेश के कानपुर में ITBP जवानों के कमिश्नरेट घेराव की खबर निकली फर्जी, माँ का हाथ कटने के मामले में दोबारा जाँच शुरू हुई।
- विज्ञापन -