Homeदेश-समाज3 दिन में 3 मर्डर: अररिया का मुहम्मद रजी गुरुग्राम में बन गया सीरियल...

3 दिन में 3 मर्डर: अररिया का मुहम्मद रजी गुरुग्राम में बन गया सीरियल किलर, पहले लूटता था फिर निर्मम तरीके से करता था कत्ल

हरियाणा के गुरुग्राम में सीरियल किलर मुहम्मद रजी ने 24, 25 और 26 नवंबर की रात को 3 लोगों की निर्मम हत्या कर दी थी। पुलिस पूछताछ में रजी ने खुलासा किया कि वह लूटपाट के इरादे से राह चलते लोगों को शिकार बनाता था। फिर पकड़े जाने के डर से लूटने के बाद उनकी हत्या कर देता था।

साइबर सिटी में सिलसिलेवार हत्या और लूट की वारदात को अंजाम देने वाले एक सीरियल किलर को गुरुग्राम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित का नाम मुहम्मद रजी है और वह मूलरूप से बिहार के अररिया जिले के रहने वाला है। जाँच के दौरान मुहम्मद रजी ने लूट के बाद पकड़े जाने के डर से लगातार 3 दिन में 3 हत्याएँ करने की बात कबूल कर ली है।

रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम में सीरियल किलर मुहम्मद रजी ने 24, 25 और 26 नवंबर की रात को 3 लोगों की निर्मम हत्या कर दी थी। पुलिस पूछताछ में रजी ने खुलासा किया कि वह लूटपाट के इरादे से राह चलते लोगों को शिकार बनाता था। फिर पकड़े जाने के डर से लूटने के बाद उनकी हत्या कर देता था।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने 24 नवंबर को सेक्टर-29 थाना इलाके से एक लाश बरामद की थी। उसके अगले दिन 25 नवंबर की शाम को दिल्ली-जयपुर हाइवे किनारे गाँव झाड़सा के नजदीक पार्क से एक शव बरामद किया गया था। तीसरी लाश पुलिस ने 26 नवंबर को सेक्टर-47 इलाके की झाड़ियों से बरामद की थी, जिसका सर धड़ से अलग था।

25 और 26 नवंबर को मिली लाशें उत्तरप्रदेश के रहने वाले दो युवकों की थी। पुलिस पूछताछ में मुहम्मद रजी ने कबूल किया कि यह हत्याएँ उसी ने लूटपाट करने के बाद पकड़े जाने के डर से की थी। दरअसल पुलिस को तलाशी के दौरान मुहम्मद रजी का पता चला था। शक होने पर पुलिस ने दबिश देते हुए उसे धर दबोचा और पूछताछ करने पर उसने वारदातें अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली।

गौरतलब है कि लगातार 3 दिनों में तीन शव मिलने पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। इसके बाद क्राइम ब्रांच की पालम विहार एवं सेक्टर-40 टीम को मामले के जानकारी दी गई। जाँच के दौरान दोनों टीमों ने संयुक्त ऑपरेशन चलते हुए आरोपित को अपने गिरफ्त में कर लिया। बता दें कि इससे पहले वर्ष 2006 एवं 2018 के दौरान भी गुरुग्राम में सीरियल किलर कांड सामने आया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -