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जैसलमेर में पाकिस्तानी हिंदुओं की बस्ती में लगाई गई थी आग भी, उजाड़ने का आदेश देने के बाद अब बसाने का एक्शन प्लान बना रहीं IAS टीना डाबी

रिपोर्टों में टीना डाबी के हवाले से कहा जा रहा है कि बेघर परिवारों के पुर्नवास के लिए जिला प्रशासन ने कई कदम उठाए हैं। जिला प्रशासन, यूआईटी और पाकिस्तानी विस्थापितों की एक सर्वे टीम बनाई जाएगी। यह टीम उस जमीन का चयन करेगी, जहाँ इनलोगों को बसाया जा सके। तब तक बेघर लोग रैन बसेरे में रहेंगे।

16 मई 2023 को राजस्थान के जैसलमेर के अमर सागर इलाके में पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों की बस्ती को उजाड़ दिया गया था। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इससे पता चलता है कि शरणाथिर्यों के घरों पर बुलडोजर ही नहीं चलाया गया था, बल्कि आग भी लगाई थी ताकि लोग दहशत से भाग जाएँ। इस बस्ती पर कार्रवाई जैसलमेर की कलेक्टर टीना डाबी के आदेश के बाद हुई थी। अब मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि आईएएस टीना डाबी प्रभावित शरणार्थियों के पुनर्वास को लेकर एक्शन प्लान बना रही हैं।

पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा ने एक वीडियो ट्विटर पर पोस्ट किया है। इसमें एक झोपड़ीनुमा घर में लगी आग और बस्ती के लोगों को देखा जा सकता है। आग के कारण महिलाओं और बच्चे दहशत में दिख रहे है। उन्होंने लिखा है, “यह वीडियो जैसलमेर में पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों की बस्ती उजाड़ने के दिन का है। कथित तौर पर अधिकारियों ने बस्ती के मंदिर की बगल की एक झोपड़ी में आग लगा दी थी। इससे बस्ती में अफरातफरी मच गई। महिलाएँ बेहोश हो गईं। प्रताड़ना से बचकर भागे लोगों को आग के इस्तेमाल से हटाना हैरतंगेज है।”

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इस कार्रवाई के बाद विवादों में घिरीं कलेक्टर टीना डाबी ने बुधवार (17 मई 2023) की शाम विस्थापित लोगों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था करवाई। इस कार्रवाई से करीब 50 परिवार प्रभावित हुए हैं। उनके रहने को वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। आज तक ने डाबी के हवाले से कहा है कि अमर सागर तालाब क्षेत्र के केचमेंट एरिया में अतिक्रमण नहीं होने दिया जा सकता है। यहाँ से लोगों को हटाने के लिए कई बार समझाया गया था। इससे बात नहीं बनी तो एक्शन लिया गया। उन्होंने कहा है कि बेघर परिवारों के पुर्नवास के लिए जिला प्रशासन ने कई कदम उठाए हैं। जिला प्रशासन, यूआईटी और पाकिस्तानी विस्थापितों की एक सर्वे टीम बनाई जाएगी। यह टीम उस जमीन का चयन करेगी, जहाँ इनलोगों को बसाया जा सके। तब तक बेघर लोग रैन बसेरे में रहेंगे।

गौरतलब है अमर सागर जैसलमेर शहर से केवल 5 किमी दूर है। कलेक्टर के आदेश के बाद यूआईटी की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पाकिस्तानी शरणार्थियों की बस्ती को उजाड़ दिया था। बुलडोजर से उनके घर तोड़ दिए थे। इससे पहले राजस्थान के जोधपुर में भी इसी तरह की कार्रवाई की गई थी। 24 अप्रैल 2023 को चोखा गाँव में जोधपुर विकास प्राधिकरण ने अतिक्रमण विरोधी अभियान के नाम पर शरणार्थी हिन्दुओं के घरों पर बुलडोजर चलाया था। इस कार्रवाई के शिकार हुए अधिकतर लोगों के पास भारत में रहने के लिए लॉन्ग टर्म वीजा तो है, लेकिन अब तक उन्हें भारत की नागरिकता नहीं मिली है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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