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डर से घर छोड़ भाग गए थे हिन्दू, कोई तोड़फोड़ नहीं हुई: मुर्शिदाबाद हिंसा पर TMC विधायक अमीरुल इस्लाम का बयान, बोले- हमारे शहर में ‘सामान्य’ हो रही स्थिति

अमीरुल इस्लाम ने कहा, "इन लोगों (हिन्दुओं) को वापस नहीं लाया गया, वे स्वेच्छा से वापस आए हैं… उनके इलाके में घरों में तोड़फोड़ नहीं की गई, वे सिर्फ डर के मारे भाग गए। और अब वे घर लौट रहे हैं।"

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में इस्लामी कट्टरपंथियों के डर के चलते सैकड़ों हिन्दू पलायन कर गए थे, लेकिन राज्य में सत्तारूढ़ TMC इसे मानने को तैयार नहीं है। TMC के एक विधायक ने कहा है कि वह हिन्दू घबरा कर चले गए और उन्हें हिंसा से कोई डर नहीं था। TMC के विधायक अमीरुल इस्लाम ने यह बातें कहीं है। उन्होंने तोड़फोड़ की बात भी नकार दी है।

अमीरुल इस्लाम मुर्शिदाबाद के उसी शमशेरगंज से विधायक हैं, जहाँ सबसे अधिक हिंसा इस्लामी कट्टरपंथियों ने की थी। अमीरुल इस्लाम ने रविवार (20 अप्रैल, 2025) को हिंसा प्रभावित धुलियान और बाक़ी इलाकों का दौरा किया। उनके साथ TMC के और भी नेता थे।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमीरुल इस्लाम ने कहा, “इन लोगों (हिन्दुओं) को वापस नहीं लाया गया, वे स्वेच्छा से वापस आए हैं… उनके इलाके में घरों में तोड़फोड़ नहीं की गई, वे सिर्फ डर के मारे भाग गए। और अब वे घर लौट रहे हैं… हमारा शहर सामान्य स्थिति की ओर लौट रहा है।”

मुर्शिदाबाद में डर के चलते भागे हिन्दुओं को वर्तमान में राज्य की पुलिस वापस ला रही है। अमीरुल इस्लाम ने इन्हीं के वापस लाए जाने पर यह दावे किए हैं। जहाँ उन्होंने कोई हमला ना होने का दावा किया है वहीं हालिया रिपोर्ट्स ने बताया है कि उन्होंने इस दौरान इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा मारे गए हिन्दू चंदन दास और हरगोबिन्द दास के परिजनों से भी मुलाक़ात की।

अमीरुल इस्लाम के साथ पहुँचे MP समीरुल इस्लाम ने यहाँ पर भी अड़ियल रवैया अपनाए रखा। उन्होंने कहा कि चंदन दास का परिवार अभी मुआवजा नहीं स्वीकार कर रहा है लेकिन बाद में यह कर लेगा। चंदन दास के परिवार ने ममता सरकार द्वारा दिया गया ₹10 लाख का मुआवजा ठुकरा दिया था।

समीरुल इस्लाम ने कहा है कि जब सब बाहरी लोग चले जाएँगे तो इनके पास लोकल ही बचेंगे। इससे पहले भी TMC के नेता मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा के ऊपर लीपापोती करते आए हैं। हालाँकि, इससे यहाँ के हिन्दुओं का खौफ नहीं जा रहा है।

गौरलतब है कि 11 अप्रैल, 2025 को मुर्शिदाबाद के धुलियान और शमशेरगंज इलाकों में वक्फ कानून के विरोध के नाम पर इस्लामी भीड़ ने भारी हिंसा की थी। इस हिंसा के दौरान हिन्दुओं के घरों-दुकानों को निशाना बनाया गया था। 3 हिन्दू मार भी दिए गए थे। इसके बाद मुर्शिदाबाद से बड़ी संख्या में हिन्दू मालदा और झारखंड भाग गए थे।

इन हिन्दुओं ने बताया था कि इस्लामी कट्टरपंथी उन्हें महिलाओं के रेप के बदले जीवित छोड़ने की बात कह रहे थे। उन्होंने BSF और बाकी केन्द्रीय सुरक्षाबलों के मुर्शिदाबाद में स्थायी रूप से तैनात किए जाने की माँग की थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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