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‘मैं यूपी पुलिस पर भरोसा नहीं करता’: अलकायदा आतंकियों की गिरफ़्तारी पर बोले अखिलेश, कई BJP नेता थे निशाने पर

इस गिरोह के लोग कानपुर में भी मौजूद हैं, जो स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के आसपास देश को दहलाने की साजिश में लगे थे। उत्तर प्रदेश में अलकायदा के सबसे बड़े सरगना उमर हलमंडी के इशारे पर ये सब हो रहा था।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के काकोरी से ‘आतंक निरोधी दस्ता (ATS)’ ने अलकायदा के दो आतंकियों को गिरफ्तार किया, जो बम बनाने में दक्ष थे। इधर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि वो उत्तर प्रदेश की पुलिस पर भरोसा नहीं करते। उन्होंने उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को धमकाते हुए कहा कि पंचायत चुनाव में गड़बड़ी करने वालों की सूची बनी हुई है और उनकी सरकार आते ही सबके खिलाफ कार्रवाई होगी।

अखिलेश यादव ने अलकायदा आतंकियों की गिरफ़्तारी पर उन्होंने कहा कि वो न तो यूपी पुलिस और न ही भाजपा की सरकार पर भरोसा कर सकते हैं। बता दें कि मैंगो बेल्ट काकोरी के एक मकान से ATS ने मसरुद्दीन और मिनहाज अहमद नामक दो आतंकियों को दबोचा। ये आतंकी देश के कई हिस्सों में बम ब्लास्ट की योजना बना रहे थे, जिसमें मानव-बम से हमले भी शामिल थे। जहाँ अहमद दुबग्गा का निवासी है, मसरुद्दीन मड़ियाँव में रहता था।

ADG (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बताया कि उनके पास से बड़ी संख्या में विस्फोटक सामग्रियाँ बरामद हुई हैं। इस गिरोह के लोग कानपुर में भी मौजूद हैं, जो स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के आसपास देश को दहलाने की साजिश में लगे थे। उत्तर प्रदेश में अलकायदा के सबसे बड़े सरगना उमर हलमंडी के इशारे पर ये सब हो रहा था। दोनों के साथियों की गिरफ़्तारी के लिए जगह-जगह ATS की छापेमारी जारी है।

दोनों आतंकियों को अदालत में पेश किए जाने के बाद यूपी पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया है। अहमद के अब्बा उसी इलाके में एक मोटर वर्कशॉप चलाते हैं और उसका परिवार 15 वर्षों से वहाँ रह रहा था। इन आतंकियों के पास से IED से लैस दो प्रेशर कूकर बम और एक पिस्टल मिली, जिसे जब्त कर लिया गया है। उत्तर प्रदेश के एयरपोर्ट्स, हाइवेज और बस स्टेशनों पर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

इससे पहले राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने पश्चिम बंगाल और केरल में अलकायदा के मॉड्यूल का खुलासा किया था। केरल के एर्नाकुलम और पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद से इन आतंकियों की गिरफ़्तारी हुई थी। ये लोग कोच्चि नौसेना बेस और शिपयार्ड्स को निशाना बनाने वाले थे। बिहार पुलिस भी लखनऊ में अलकायदा आतंकियों की गिरफ़्तारी के बाद अलर्ट पर है। देश के कई हिस्सों में अलकायदा के स्लीपर सेल मौजूद हैं, इनकी फंडिंग पर रोक लगा कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त करना मुख्य चुनौती है।

एक भाजपा सांसद के अलावा कई अन्य भाजपा नेता इन आतंकियों के निशाने पर थे। आसपास के घरों में इन आतंकियों के साथियों के ठिकाने हो सकते हैं, इसीलिए उनकी भी तलाशी हो रही है। सीरियल ब्लास्ट की साजिश पाकिस्तान में रची गई थी और अफगानिस्तान में इस पर ‘रिसर्च’ हुआ था। आसपास के 500 मीटर के दायरे में सारे घरों को खाली करा लिया गया। जल्द ही कई और खुलासे होने की संभावना है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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