Homeदेश-समाजउज्जैन: बेगमबाग का वह घर ध्वस्त जहाँ से राम मंदिर के लिए चंदा जमा...

उज्जैन: बेगमबाग का वह घर ध्वस्त जहाँ से राम मंदिर के लिए चंदा जमा कर रहे लोगों पर हुआ था पथराव

जिस घर के नज़दीक अराजक तत्वों ने पथराव की घटना को अंजाम दिया था, वह ग़ैरक़ानूनी था। इसके बाद अधिकारियों ने घर को जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर दिया।

मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित बेगमबाग इलाके में ‘रामनिधि संग्रहण’ रैली निकालने के दौरान मुस्लिम समुदाय के अराजक तत्वों ने हिन्दू संगठन पर पथराव किया था। इस घटना पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने उन लोगों पर कड़ी कार्रवाई की है जो पथराव की घटना में शामिल थे। पुलिस और नगरपालिका की संयुक्त टीम ने उस घर को ध्वस्त कर दिया है, जिसके आस-पास मौजूद होकर कुछ महिलाएँ और बच्चे यात्रा निकालने वालों पर पथराव कर रहे थे। 

रिपोर्ट्स के मुताबिक़ जिस घर के नज़दीक अराजक तत्वों ने पथराव की घटना को अंजाम दिया था, वह ग़ैरक़ानूनी था। इसके बाद अधिकारियों ने घर को जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर दिया। 

मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित बेगमबाग में शुक्रवार (दिसंबर 25, 2020) की शाम हिंदू संगठनों की रैली (रामनिधि संग्रहण रैली) पर जम कर पत्थरबाजी की गई थी। मुस्लिम भीड़ की इस हरकत के बाद दोनों समुदायों के बीच झड़प हुई और इलाके में तनाव व्याप्त हो गया था। वहाँ खड़ी कई गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। तोड़फोड़ और पथराव की इस घटना में लगभग 10 लोग घायल हुए थे। पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार भी किया है।

हिंदू कार्यकर्ता अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर के लिए चंदा इकट्ठा करने के लिए रैली निकाल रहे थे। इस रैली को टॉवर क्षेत्र से महाकाल क्षेत्र स्थित भारत माता मंदिर तक जाना था। तभी रास्ते में ही बेगमबाग क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय के कुछ असामाजिक तत्वों ने रैली पर पथराव शुरू कर दिया। ​रैली में शामिल हिंदू भारी पत्थरबाजी के बीच किसी तरह जान बचाकर निकलने में सफल रहे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -