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जहाँ मिला कोरोना संक्रमित युवक, वहाँ की मस्जिद में बैठ कर माइक से नमाज के लिए बुला रहा था मौलाना, गिरफ्तार

नवरात्र के दौरान मंदिरों के कपाट बंद हैं। लोग घर में ही नव दुर्गा की उपासना करने में लगे हुए हैं। इसके विपरीत कुछ कट्टरपंथी सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी मस्जिद में नमाज पढ़ने से बाज नहीं आ रहे।

पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा के बाद लोग घर में रहकर कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं। नवरात्र के दौरान मंदिरों के कपाट बंद हैं। लोग घर में ही नव दुर्गा की उपासना करने में लगे हुए हैं। इसके विपरीत कुछ कट्टरपंथी सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी मस्जिद में नमाज पढ़ने से बाज नहीं आ रहे। अब ऐसे लोगों पर पुलिस-प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी बीच बागपत में एक मस्जिद से माइक द्वारा ऐलान कर रहे मौलवी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

देश में लॉकडाउन घोषित होने के बाद से ही सरकार लगातार लोगों से सोशल डिस्टेंश बनाए रखने की अपील कर रही है, लेकिन बागपत जिले के एक गाँव में बीते शुक्रवार को एक मौलाना मस्जिद में बैठकर माइक से लोगों को नमाज के लिए इकट्ठा करने का एलान कर रहा था। इसकी जानकारी किसी ग्रामीण ने पुलिस को दे दी। सूचना पर गाँव में पहुँची पुलिस ने मौके से आरोपित मौलाना को दबोच लिया।

दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक गाँव में पहले से ही एक युवक कोरोना पॉजीटिव पाया गया है। इसके बाद भी गाँव में समुदाय के लोग मस्जिद में एकत्र होकर नमाज अदा करने सा बाज नहीं आ रहे। कोतवाली प्रभारी अरविंद कुमार के मुताबिक गिरफ्तार किए गए मौलाना के खिलाफ में धारा 269 और 270 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर की कटिंग

वहीं गाजियाबाद के थाना मुरादनगर इलाके में स्थित मदरसे से पुलिस ने दो शिक्षक इमरान और मदन को गिरफ्तार कर लिया। दरअसल दे दोनों शिक्षक लॉकडाउन के बावजूद मदरसे में 20 बच्चों की परीक्षा करवा रहे थे। वहीं इटावा में लॉकडाउन और धारा 144 का उल्लंघन करना समुदाय विशेष के कुछ लोगो को पड़ा भारी। एक मस्जिद में जुमे की नमाज पढ़ रहे लोगों पर पुलिस ने जमकर लाठियाँ भाँजी और 7 लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। उधर संभल कोतवाली इलाके के सैफ खां सराय में पाबंदी के बावजूद मस्जिद में सामूहिक नमाज को लेकर पुलिस ने 15 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

आपको बता दें कि कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते प्रकोप को देखते हुए देश की सबसे बड़ी इस्लामिक संस्था जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने जुमे की नमाज को लेकर लोगों से कहा था कि जुम्मे के दिन मस्जिद में इकट्ठा होकर नमाज न पढ़ें। साथ ही अपील की थी कि सभी लोग अपने घर के अंदर जाकर ही नमाज पढें। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़कर 41 हो गई है। वहीं पूरे देश में इससे 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि इससे संक्रमित लोगों की संख्या 800 पार हो गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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