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सरकारी मास्टर हारून अली ने 11 साल के वंश के चेहरे पर पेन से किए वार, मुँह पर थूका… क्योंकि उनकी कार साफ नहीं की

"प्रिंसिपल हारून ने मेरे बेटे को अपनी कार साफ करने के लिए कहा। जब मेरे बेटे ने मना कर दिया तो उसके माथे और सिर पर पेन से वार किया। उसके मुँह पर थूक दिया, कॉलर पकड़ कर पटक दिया। गंदी-गंदी गालियाँ दीं।"

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में सरकारी स्कूल के एक प्रिंसिपल पर एक छात्र को बेरहमी से पीटने का आरोप लगा है। पीड़ित छात्र का नाम वंश है, जो क्लास 6 में पढ़ता है। आरोपित प्रिंसिपल का नाम हारून अली मुनव्वर है।

शिकायत के मुताबिक प्रिंसिपल हारून अली मुनव्वर कार साफ़ न करने से छात्र से नाराज थे। इस घटना के विरोध में हिन्दू जागरण मंच ने कोतवाली में हंगामा किया है। आरोपित प्रिंसिपल सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस में घटना की शिकायत 7 मई 2022 (शनिवार) को की गई है। पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़ित छात्र की उम्र 11 साल बताई गई है। पीड़ित के पिता राकेश के मुताबिक:

“आरोपित प्रिंसिपल हारून पर पहले ही कई गंभीर केस दर्ज हैं। हर दिन की तरह उनका बेटा स्कूल गया तो उसे प्रिंसिपल ने उसे अपनी कार साफ करने के लिए कहा। जब मेरे बेटे ने मना कर दिया तो बेटे के माथे और सिर पर पेन से वार किया गया। उसके मुँह पर थूक दिया गया और उसका कॉलर पकड़ कर पटक दिया गया। बाद में वंश को गंदी-गंदी गालियाँ दी गईं। घटना के बाद पीड़ित छात्र काफी डरा हुआ है।”

पुलिस को दी गई शिकायत

बेसिक शिक्षा अधिकारी बागपत ने आरोपित प्रिंसिपल हारून को सस्पेंड कर दिया है। वहीं अपनी सफाई में प्रिंसिपल हारून अली ने कहा कि कक्षा 6 के 11 वर्षीय छात्र पर स्कूल में दंगा करने का आरोप है। साथ ही हारून ने अपने ऊपर लगे सभी आरोप बेबुनियाद बताए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़ित परिवार बड़का गाँव का है, जो बागपत की बड़ौत कोतवाली इलाके में पड़ता है। इंस्पेक्टर कोतवाली मानवीर सिंह ने इस पूरे मामले की जाँच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।

ऑपइंडिया ने इस मामले में पीड़ित बच्चे के पिता राकेश से बात की। उन्होंने बताया, “अभी तक पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। केस में FIR दर्ज हो गई है।” वहीं पीड़ित के वकील निशांत ने ऑपइंडिया को बताया:

“पीड़ित परिवार OBC समुदाय से है। घटना में सस्पेंड करने की जो कार्रवाई हुई है, वो बस दिखाने के लिए की गई है। अभी तक पुलिस द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। हमें ये भी जानकारी नहीं है कि कौन सी धाराएँ लगाई गई हैं।

वकील निशांत ने आगे बताया, “केस दर्ज किए जाने के बाद लगातार पीड़ित परिवार को धमकियाँ मिल रही हैं। आरोपित प्रिंसिपल कुछ लोगों को लेकर लगातार केस वापस लेने का दबाव बना रहा है। पीड़ित परिवार काफी गरीब है। प्रिंसिपल हारून इससे पहले भी कई बच्चों के साथ मारपीट कर चुका है। उसका क्लास टाइम में स्कूल में सोते हुए भी वीडियो वायरल हो चुका है। हमने उसकी बच्चों से कार साफ़ करते हुए भी वीडियो बनाई है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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