Homeदेश-समाजहमीरपुर में BJP के बूथ अध्यक्ष की गला रेत कर निर्मम हत्या, जाँच में...

हमीरपुर में BJP के बूथ अध्यक्ष की गला रेत कर निर्मम हत्या, जाँच में जुटी पुलिस

राकेश पिछले करीब दस साल से अपनी बहन के घर में रह रहे थे। बहन और बहनोई की पहले ही हत्या हो चुकी है, जबकि कुछ दिनों बाद भांजे ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

उत्तर प्रदेश में हमीरपुर में भारतीय जनता पार्टी के नेता की गला रेत कर हत्या कर दी गई। पुलिस ने बताया कि पचखुरा गाँव निवासी भाजपा के बूथ अध्यक्ष राकेश सिंह की शनिवार (अगस्त 10, 2019) की देर रात गला रेत कर हत्या कर दी गई। वारदात के वक्त राकेश सिंह घर पर अकेले थे। रविवार (अगस्त 11, 2019) सुबह कमरे के बाहर खून देखकर ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। 

सूचना मिलने पर मौके पर पहुँची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। केस दर्ज कर मामले की जाँच पड़ताल शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे संपत्ति का विवाद हो सकता है। उन्होंने बताया कि रात में कुछ बदमाशों ने घर में घुसकर धारदार हथियार से गला रेत कर राकेश सिंह की हत्या कर दी।

जानकारी के मुताबिक, राकेश पिछले करीब दस साल से अपनी बहन के घर में रह रहे थे। बहन और बहनोई की पहले ही हत्या हो चुकी है, जबकि कुछ दिनों बाद भांजे ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। वहीं, राकेश की पत्नी बच्चों को लेकर करीब एक सप्ताह पहले मायके चली गई थी। 

कल रात वह अपने एक साथी के साथ घर के बाहर कमरे में रुके थे। बूथ अध्यक्ष के कत्ल की खबर मिलते ही भाजपा जिलाध्यक्ष संत विलास शिवहरे पार्टी के अन्य पदाधिकारियों संग घटनास्थल पर पहुँचे। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -