Wednesday, October 5, 2022
Homeदेश-समाजCAA हिंसा के 57 आरोपितों से योगी सरकार वसूलेगी पूरा नुकसान: 5 से की...

CAA हिंसा के 57 आरोपितों से योगी सरकार वसूलेगी पूरा नुकसान: 5 से की गई ₹1 करोड़ 54 लाख की रिकवरी, दुकानों की हुई कुर्की

नफीस अहमद नाम के आरोपित पर सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान का 64 लाख 35 हजार रुपए बकाया है। प्रशासन की ओर से जारी किए गए नोटिस के बाद भी आरोपित द्वारा रकम जमा न कराने के बाद प्रशासन ने गुरुवार को उसकी दुकान की कुर्की कर दी।

पिछले साल दिसंबर महीने में सीएए-एनआरसी के विरोध के नाम पर सड़कों पर हिंसा करने वाले आरोपितों पर योगी सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। हिंसा में शामिल 57 आरोपितों से लखनऊ जिला प्रशासन ने 1 करोड़ 55 लाख रुपए की रिकवरी का आदेश जारी किया है। मामले में कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने गुरुवार (02 जुलाई, 2020) को एक आरोपित की दुकान को कुर्क कर दिया।

जानकारी के मुताबिक नफीस अहमद नाम के आरोपित पर सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान का 64 लाख 35 हजार रुपए बकाया है। प्रशासन की ओर से जारी किए गए नोटिस के बाद भी आरोपित द्वारा रकम जमा न कराने के बाद प्रशासन ने गुरुवार को उसकी दुकान की कुर्की कर दी। दरअसल, कुर्की की यह कार्रवाई अपर जिलाधिकारी ट्रांस गोमती विश्व भूषण मिश्रा के आदेश पर की गई है। अब तक प्रशासन ने पाँच आरोपितों की संपत्ति को कुर्क किया है। इनकी 16 जुलाई को नीलामी की जाएगी।

सदर तहसीलदार शंभू शरण सिंह ने बताया कि सीएए विरोधी प्रदर्शनों के मामले में 57 लोगों के खिलाफ वसूली का नोटिस जारी किया गया था। उनमें से हसनगंज इलाके में दो संपत्तियों को मंगलवार (30 जून, 2020) को कुर्क कर दिया गया। साथ ही यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि जिन संपत्तियों को कुर्क किया गया, उनमें एन वाई फैशन सेंटर नाम की कपड़ों की दुकान और एक अन्य दुकान शामिल हैं।

दरअसल एनवाई फैशन सेंटर के सहायक भंडार प्रबंधक धर्मवीर सिंह पर 21 लाख 76 हजार रुपए की आरसी जारी की गई थी। दूसरी ओर माहेनूर चौधरी सीएए विरोधी हिंसा के मामले में आरोपित हैं।

गौरतलब है कि पिछले साल 19 दिसंबर को सीएए-एनआरसी विरोध के नाम पर हुई हिंसा के मामले में लखनऊ प्रशासन ने 50 आरोपितों को वसूली नोटिस जारी किया था। मार्च में जिला प्रशासन ने आरोपियों के पोस्टर शहर के चौराहों पर लगवाए गए थे, लेकिन कोरोना वायरस महामारी के चलते इलाहाबाद हाईकोर्ट के सुझाव पर लखनऊ जिला प्रशासन ने 20 मार्च को तमाम वसूली और कुर्की की प्रक्रिया को अस्थाई तौर पर रोक दिया गया था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जो बनाती थी AAP के लिए वीडियो, TheLallantop ने उसे ही पत्रकार बना गुजरात भेजा: पोल खुलते ही सोशल मीडिया पर जनता ले रही...

गुजरात चुनाव से पहले लल्लनटॉप द्वारा नूपुर पटेल की नियुक्ति के बाद लोग यह जानना चाहते हैं कि वह पत्रकार हैं या फिर आप की कार्यकर्ता?

सूरत में गरबा के लिए थे मुस्लिम बाउंसर, पूछने पर हिंदू नाम बताए… बजरंग दल कार्यकर्ताओं की सख्ती से नंगे पेट भागे

गुजरात के सूरत में एक गरबा कार्यक्रम में मुस्लिम बाउंसर्स को बुलाए जाने को लेकर बवाल हुआ। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के कारण...

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
226,348FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe