Homeदेश-समाजCAA पर UP दंगों की 7 वीडियो: पत्थरबाजी, आगजनी सब है विरोध के नाम...

CAA पर UP दंगों की 7 वीडियो: पत्थरबाजी, आगजनी सब है विरोध के नाम पर प्रदर्शन में शामिल

उत्तरप्रदेश के कानपुर, फिरोजाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा समेत अन्य जिलों में आज नागरिकता कानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के नाम पर दंगे हुए। ये चंद वीडियो हैं। इनके अलावा सोशल मीडिया पर बहुत से प्रमाण हैं। जो इस कानून के ख़िलाफ़ हो रहे विरोध पर सवालिया निशान लगाते हैं.....

उत्तरप्रदेश के कानपुर, फिरोजाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा समेत अन्य जिलों में आज नागरिकता कानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के नाम पर दंगे हुए। अधिकांश जगहों पर दंगाई भीड़ ने पुलिस अधिकारियों को इस बीच अपना निशाना बनाया। जिसके चलते पुलिस पोस्ट और गाड़ियों को भी नुकसान पहुँचाया गया। इस बीच कई तरह की वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आईं। जिसमें पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव दिखाया गया। लेकिन इसी बीच कुछ जिलों से अलग-अलग घटनाओं पर वीडियो भी आईं। जिनसे स्पष्ट हो गया कि उत्तर प्रदेश में हो रहे विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य अब नागरिकता कानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन नहीं है बल्कि पुलिस पर हमला और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुँचाना हैं।

उत्तरप्रदेश के हमीर पुर में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ। वहीं फिरोजाबाद में 12 पुलिस वाहनों को आग लगा दी गई।

न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरप्रदेश के हापुड में हिंसक भीड़ ने पुलिस पर हमला किया।

एएनआई के अनुसार, दंगाई ने नए कानून के ख़िलाफ चल रहे प्रदर्शन में गोरखपुर में भी पुलिसबलों पर पत्थर फेंके।

इसी तरह उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर में भी पत्थरबाजी के कारण कई पुलिसवालों और प्रदर्शनकारियों को चोटें आईं। और पुलिस को हिंसा रोकने के लिए लाठी चार्ज करना पड़ा।

फिर, अमरोहा और बहराईच में भी सुरक्षाबल को दंगाईयों को रोकने के लिए लाठी चार्ज करना पड़ा।

इधर, कानपुर में भी अनियंत्रित मुस्लिमों की भीड़ द्वारा पुलिस जीप और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुँचाया गया। उधर, मुजफ्फनजर में भी विरोध उस समय हिंसा में बदल गया जब प्रदर्शनकारियों ने गाड़ियों में आग लगा दी।

गौरतलब है कि ये केवल चंद वीडियो हैं। इनके अलावा सोशल मीडिया पर बहुत से प्रमाण हैं। जो इस कानून के ख़िलाफ़ हो रहे विरोध पर सवालिया निशान लगाते हैं। अब तक जानकारी के अनुसार यूपी में 3000 से ज्यादा लोगों के नाम पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और कईयों के ख़िलाफ़ आगे की कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा कई जिलों में इंटरनेट सेवा भी सुरक्षा कारणों से बंद कर दी गईं हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘The Wire’ ने दिखाई भारतीय सेना के लिए घृणा, अली अहमद ने ‘हिंदी और हिंदुत्व’ के बहाने फैलाया हिंदू विरोधी एजेंडा: आर्मी के ‘हिंदूकरण’...

'The Wire' में अली अहमद का असली मकसद सेना को बदनाम करना है। क्योंकि सेना इनके मनमुताबिक बनी नकली धर्मनिरपेक्षता की बातों को नहीं मानती हैं।

आर्टिकल 370 हटने के समय संभाली J&K में कमान, आतंकी नेटवर्क की तोड़ी कमर: जानिए कौन हैं वो ‘डॉक्टर’ महेश दीक्षित, जिन्हें मोदी सरकार...

महेश दीक्षित पहले पेशे से डॉक्टर थे, देशसेवा के लिए वो पुलिस सर्विस में आए और अब उन्हें उनका अनुभव व योगदान देखते हुए आईबी का प्रमुख चुना गया है।
- विज्ञापन -