Thursday, January 20, 2022
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बंगाल का वोटर कार्ड, मस्जिद के पास डेरा: UP में रोहिंग्या की घुसपैठ कराने वाले बांग्लादेशी बाप-बेटे गिरफ्तार

इससे पहले इसी महीने की शुरुआत में ATS ने नोएडा से रोहिंग्या हसन अहमद उर्फ मोहम्मद फारुख और उन्नाव से शाहिद को गिरफ्तार किया था। दोनों सगे भाई हैं।

उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (UP ATS) ने पिछले दिनों दो रोहिंग्या भाइयों को गिरफ्तार किया था। दोनों रोहिंग्याओं की अवैध एंट्री करवाकर उन्हें बसाने, उनके लिए रोजगार और फर्जी दस्तावेज तैयार करवाने तक का काम करते थे। अब एटीएस ने बांग्लादेशी बाप-बेटे की एक जोड़ी को गिरफ्तार किया है। बाप-बेटे रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की घुसपैठ कराकर उन्हें यूपी में बसाने में संलिप्त थे।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार एटीएस ने सहारनपुर से उमर मुहम्मद उस्मानी और उसके बेटे तनवीर को गिरफ्तार किया है। बांग्लादेशी नागरिक उस्मानी ने पश्चिम बंगाल में अपना वोटर आईडी कार्ड भी बनवा रखा था। आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज भी बाप-बेटे के पास ​से मिले हैं। दोनों सहारनपुर की नदीम कॉलोनी में मुजफ्फर मस्जिद के पास रह रहे थे।

रिपोर्ट के अनुसार ये ठेके पर घुसपैठ कराते थे और कमीशन लेकर रोजगार की व्यवस्था करते थे। एटीएस आज (13 मार्च 2021) दोनों को लखनऊ की कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी। एटीएस के आईजी जीके गोस्वामी के हवाले से बताया गया है कि बाप-बेटे के गैरकानूनी तरीके से रहने और देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने को लेकर सूचना मिली थी। इसके बाद शुक्रवार को एटीएस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

दोनों मूल रूप से बांग्लादेश के कॉक्स बाजार के रहने वाले हैं। एटीएस ने उमर का भारतीय वोटर आईडी कार्ड, पैन कार्ड, आधार कार्ड और उसके बेटे तनवीर का आधार कार्ड, बांग्लादेश का नागरिक कार्ड, दो बांग्लादेशी सिम और पंजाब नेशनल बैंक की चेकबुक बरामद की है।

इससे पहले इसी महीने की शुरुआत में ATS ने नोएडा से रोहिंग्या हसन अहमद उर्फ मोहम्मद फारुख और उन्नाव से शाहिद को गिरफ्तार किया था। दोनों सगे भाई हैं। पूछताछ में पता चला था कि इनकी माँ और बहन अलीगढ़ में रहती हैं। इनके पास से 5 लाख रुपए व तमाम भारतीय दस्तावेज बरामद किए गए थे। दोनों भाई पहचान बदलकर रह रहे थे और सिंडीकेट के तहत रोहिंग्या को सूबे के कई जिलों में लाकर बसाने और काम दिलाने की गतिवधियों में लिप्त थे। फारुख ने स्वीकार किया था कि वह अपने भाई शाहिद के साथ मिलकर रोहिंग्याओं को बांग्लादेश बॉर्डर से भारत लाता था। दैनिक जागरण ने एटीएस अधिकारियों के हवाले से बताया है कि हसन जिस सिंडीकेट से जुड़ा था, उसमें शामिल कई लोगों से बांग्लादेशी उमर के भी सीधे संपर्क थे। अब इनके आपसी कनेक्शन और अन्य सहयोगियों की तलाश की जा रही है।

गौरतलब है कि हाल ही में करीब 155 रोहिंग्या को जम्मू कश्मीर में होल्डिंग सेंटर में भेजा गया है। इनकी तत्काल रिहाई को लेकर रोहिंग्या की ओर से वकील प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार (मार्च 11, 2021) को एक याचिका दायर की थी। इसमें शीर्ष अदालत से जम्मू-कश्मीर में हिरासत में लिए गए रोहिंग्या को तुरंत रिहा करने और उन्हें प्रत्यर्पित करने के आदेश को लागू करने से केंद्र सरकार को रोकने की गुहार लगाई गई है। कथित तौर पर यह याचिका रोहिंग्या मोहम्मद सलीमुल्ला ने दायर की है और एडवोकेट चेरिल डीसूजा (Cheryl Dsouza) ने इसे तैयार किया है।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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