Homeदेश-समाज'मुझे गोली मत मारो': योगी की वापसी के साथ ही अपराधियों में भी लौटा...

‘मुझे गोली मत मारो’: योगी की वापसी के साथ ही अपराधियों में भी लौटा खौफ, तख्ती ले सरेंडर करने पुलिस स्टेशन पहुँचा बदमाश

योगी आदित्यनाथ के दोबारा शपथ लेने से पहले ही अपराधियों में खौफ देखा जा रहा है। वे सरेंडर कर रहे। उनके कब्जे से जमीन मुक्त करवाई जा रही।

हालिया विधानसभा चुनावों के दौरान उत्तर प्रदेश के हर इलाके में लोग योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर हुए सुधार की तारीफ करते नजर आए थे। अब सत्ता में योगी सरकार की वापसी के साथ ही अपराधियों के बीच फिर से वही खौफ दिख रहा है। अपराधी खुद थाने पहुँच सरेंडर कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला गोंडा में मंगलवार (15 मार्च 2022) को देखने को मिला।

गोंडा के थाना छपिया में 25 हजार का एक इनामी बदमाश सरेंडर करने पहुँचा। उसके हाथ में एक तख्ती थी, जिस पर लिखा था- मैं आत्मसमर्पण कर रहा हूँ, मुझे गोली मत मारो। इस अपराधी की पहचान गौतम सिंह के रूप में हुई है। वह गल्ला व्यवसायी अपहरण कांड का आरोपित है। पुलिस ने बताया कि उसने अब कोई अपराध करने से भी तौबा किया है।

अपने भाई के साथ सरेंडर करने पहुँचे गौतम सिंह ने कहा, “सर मुझे माफ कर दीजिए, मैं बहुत डर गया हूँ। कप्तान साहब का सुनकर कि गोली मार देंगे, मैं बहुत डर गया हूँ। सर मुझे माफ कर दीजिए। आत्म समर्पण कर रहा हूँ मैं। मुझे गोली मत मारिए सर। मैं तांबेपुर का रहने वाला हूँ। मेरा नाम गौतम सिंह है और पिता का नाम राजेश्वरी सिंह है। मैंने गल्ला व्यापारी को उठाया था। बभनान से उसके दुकान से मेरे साथ राजकुमार, शिवम, जुबेर थे। कप्तान साहब गोली मार देते हैं इस बात को सुनकर मैं डर गया।”

जानकारी के मुताबिक छपिया थानाक्षेत्र के करनूपुर गाँव से शील प्रसाद नाम के गल्ला व्यवसायी को 6 मार्च को कार सवार चार बदमाशों ने अगवा कर लिया था। शिकायत पर पुलिस ने  मुकदमा दायर किया था। चार बदमाशों में से सबसे पहले आठ मार्च को ही आरोपित रवि प्रकाश उर्फ रिंकू को गिरफ्तार कर लिया गया था। 

इसके बाद छपिया पुलिस व एसओजी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 13 मार्च को जुबेर व राजकुमार यादव गिरफ्तार हुए थे। मुठभेड़ के दौरान एक आरोपित के पैरों पर गोली भी लगी थी। एसपी संतोष कुमार मिश्रा के अनुसार आरोपित मुठभेड़ के डर से मंगलवार को आत्मसमर्पण करने के लिए खुद ही थाने पहुँच गया और उसकी गिरफ्तार कर लिया गया।

गौरतलब है कि मंगलवार को ही मेरठ पुलिस ने पुलिस कस्टडी से फरार ढाई लाख के इनामी बदन सिंह बद्दो और उसके सहयोगी के अवैध मार्केट और फैक्ट्री पर कार्रवाई करते हुए जमीन को कब्जा मुक्त कराया। वहीं कानपुर में सपा नेता के अवैध कब्जे पर भी बुलडोजर चला था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -