Thursday, April 18, 2024
Homeदेश-समाजमुरादाबाद में चामुंडा मंदिर के महंत रामदास की संदिग्ध परिस्थितियों में मिली लाश: खनन...

मुरादाबाद में चामुंडा मंदिर के महंत रामदास की संदिग्ध परिस्थितियों में मिली लाश: खनन माफियाओं के खिलाफ उठाते थे आवाज

संत रामदास ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था जिसमें उन्होंने अपनी जान का खतरा बताया था। वीडियो में संत रामदास ने बताया था कि उन्हें खनन माफियाओं से जान के खतरे का अंदेशा है। ऐसे में अचानक हुई उनकी मौत के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं।

उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद जनपद के गलशहीद थाना क्षेत्र में नगर संत नाम से मशहूर चामुंडा मंदिर के महंत और गंगा प्रदूषण मुक्ति समिति के संरक्षक महंत रामदास का शव मिलने से हड़कंप मच गया। गलशहीद थाना क्षेत्र के असालतपुरा बड़ा अहाता के पास स्थित वाल्मीकि मंदिर के बरामदे में उनका शव फर्श पर पड़ा मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उधर परिजनों ने उनकी हत्या की आशंका जताई है।

संदिग्ध परिस्थितियों में मिले महंत के शव पर राष्ट्रीय योगी सेना का कहना है कि महंत रामदास ने गंगा प्रदूषण मुक्ति के लिए अभियान छेड़ रखा था। इसके लिए वह खनन माफियाओं के खिलाफ बोलते और आए दिन आंदोलन करते थे। हाल ही में संत रामदास ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था जिसमें उन्होंने अपनी जान का खतरा बताया था। वीडियो में संत रामदास ने बताया था कि उन्हें खनन माफियाओं से जान के खतरे का अंदेशा है। ऐसे में अचानक हुई उनकी मौत के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं।

मौके पर मौजूद मुरादाबाद के एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने घटना पर जानकारी देते हुए कहा कि गलशहीद थाना क्षेत्र के मंदिर में एक संत रामदास का शव मिला था जिसकी सूचना मंदिर के जो कर्मचारी हैं उनके द्वारा दी गई थी। उनके द्वारा बताया गया कि ये बाबा शाम को मोटर साइकिल से आए थे। वहाँ उन्होंने कहा था कि 9 दिन का व्रत रखेंगे और वहीं मंदिर में रहेंगे। लेकिन सुबह जब लोगों ने उन्हें मृत अवस्था में देखा तो उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर जाकर छानबीन की। शव को पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया गया है और उनके शरीर पर कोई भी बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। उनकी मृत्यु का जो वास्तविक कारण है उसे जानने के लिए पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

वहीं संत की हत्या की आशका जताते हिंदू संगठनों ने परिजनों संग शहर के पीलीकोठी चौराहे पर शव रखकर जाम लगाया। उन्होंने इसे हत्या बताते हुए मौत के पीछे बड़ी साजिश का हाथ बताया। जिसके बाद पुलिस ने जाँच का आश्वासन दिया और जाम खुलवाया।

राष्ट्रीय योगी सेना के अध्यक्ष आकाश अग्रवाल ने कहा कि महंत हमेशा गलत के खिलाफ आवाज बुलंद करते थे। जिसकी वजह से वह लोगों की आँखों मे भी खटकने लगे थे। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि महंत रामदास खनन की शिकायत करते रहते थे और सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते थे। उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है क्योंकि उनके पास 3 मोबाइल थे और वो तीनों ही गायब हैं। उनका पर्स भी गायब है। तो कहीं न कहीं ये हत्या का मामला लगता है। उनका फोन कल शाम से बंद आ रहा था। अब उनके नंबर से DP भी हटा ली गई है।

अग्रवाल ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि एक सप्ताह पहले खनन की शिकायत को लेकर रामदास ने कहा था कि उनकी जान को खतरा है। उन्होंने सवाल पूछा कि अगर बीमारी से मौत हुई है तो मोबाइल कहाँ गायब हो गए। DP किसने हटा दी। महंत रामदास को मोबाइल का शौक था। वो हमेशा एक दो घंटे में अपनी फेसबुक अपडेट करते रहते थे। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट हमें बताई नहीं है जो भी हुआ है वो गलत है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘केवल अल्लाह हू अकबर बोलो’: हिंदू युवकों की ‘जय श्री राम’ बोलने पर पिटाई, भगवा लगे कार में सवार लोगों का सर फोड़ा-नाक तोड़ी

बेंगलुरु में तीन हिन्दू युवकों को जय श्री राम के नारे लगाने से रोक कर पिटाई की गई। मुस्लिम युवकों ने उनसे अल्लाह हू अकबर के नारे लगवाए।

छतों से पत्थरबाजी, फेंके बम, खून से लथपथ हिंदू श्रद्धालु: बंगाल के मुर्शिदाबाद में रामनवमी शोभायात्रा को बनाया निशाना, देखिए Videos

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में रामनवमी की शोभा यात्रा पर पत्थरबाजी की घटना सामने आई। इस दौरान कई श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल भी हुए।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe