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‘तुम मजहब की बेइज्जती करवा रही हो’: रामलला के दर्शन के लिए मुंबई से पैदल निकली शबनम तो मुस्लिम महिलाओं ने घेरा, बोली पीड़िता – बचपन में श्रीराम में विश्वास

यहीं पर अयोध्या की तरफ जाते समय एक सफ़ेद रंग की कार में सवार कुछ मुस्लिम महिलाएँ आकर उनसे झगड़ने लगीं। इन महिलाओं ने कहा कि शबनम मजहब की बेइज्जती करवा रही हैं।

मुंबई से अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए पैदल निकली शबनम शेख के साथ उत्तर प्रदेश के अमेठी में कुछ मुस्लिम महिलाओं ने दुर्व्यवहार किया। मुस्लिम महिलाओं ने उनके पहनावे को लेकर टिप्पणियाँ की और काफी सारी बातें कहीं। शबनम को परेशान करने वाली महिलाओं पर पुलिस ने कार्रवाई कर दी है।

जानकारी के अनुसार, मुंबई की रहने वाली शबनम शेख 37 दिन पहले अपने दो दोस्तों के साथ पैदल रामलला के दर्शन के लिए निकली थीं। इस यात्रा में वह बुर्का पहनकर चल रही हैं और हाथ में भगवा झंडा लिया हुआ है। शनिवार (27 जनवरी, 2024) को वह अमेठी के जगदीशपुर पहुँची थी।

यहीं पर अयोध्या की तरफ जाते समय एक सफ़ेद रंग की कार में सवार कुछ मुस्लिम महिलाएँ आकर उनसे झगड़ने लगीं। इन महिलाओं ने कहा कि शबनम मजहब की बेइज्जती करवा रही हैं। उन्होंने शबनम के बुर्का पहनने पर भी टिप्पणियाँ की। कार सवार महिलाओं को शबनम से जवाब भी दिया। उन्होंने महिलाओं से पूछा कि क्या वह बुर्का उतार कर साड़ी पहन लें।

शबनम के साथ हुए इस दुर्व्यवहार की वीडियो भी सामने आई है। शबनम ने यह वीडियो अपने इंस्टाग्राम पर भी अपलोड की है। जानकारी के अनुसार, यह वीडियो वायरल होने बाद पुलिस ने शबनम को परेशान करने वाली महिलाओं पर कार्रवाई की है। उनके परेशान करने वाली महिला का पुलिस ने चालान कर दिया है जबकि उस गाड़ी को सीज कर दिया।

गौरतलब है कि मुंबई की रहने वाली शबनम अब अयोध्या से मात्र 70 किलोमीटर दूर हैं। वह एक दिन में लगभग 35 किलोमीटर चलती हैं। वह अपने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जानकारी देती हैं कि वह कहाँ पहुँचने वाली हैं। रास्ते में हिन्दू संगठन उनका सम्मान भी कर रहे हैं। वह ‘जय श्री राम’ के नारे लगाते हुए चल रही हैं।

शबनम ने इससे पहले मीडिया को बताया था कि वह रामजी में बचपन से ही विश्वास रखती थीं। शबनम ने बताया था कि वह मुस्लिम परिवार से हैं लेकिन उनकी सभी धर्मों में आस्था है। शबनम ने अपने विषय में बताया था कि वह बीकॉम की छात्रा हैं और बचपन से ही हिन्दू इलाके में पली बढ़ी हैं।

अयोध्या को पैदल जाने वाली शबनम बताती हैं कि उनकी भाषा और जीवनशैली सब हिन्दुओं जैसी ही है क्योंकि वह हिन्दुओं के साथ ही बचपन से रह रही हैं। गौरतलब है कि शबनम के खिलाफ फतवा भी जारी किया था लेकिन उन्होंने कहा था कि वह डरेगी नहीं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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