Homeदेश-समाजमहंत यति नरसिंहानंद का दावा उनकी हत्या के लिए आए 3 मुस्लिमों सहित 4...

महंत यति नरसिंहानंद का दावा उनकी हत्या के लिए आए 3 मुस्लिमों सहित 4 विदेशी गिरफ्तार, यूपी पुलिस ने नकारा

मंगलवार को महंत यति नरसिंहानंद एक ट्वीट में दावा किया कि बुलंदशहर पुलिस की सतर्कता के कारण, विदेशी राष्ट्रीयता के साथ एक व्यक्ति और 3 मुस्लिम पुरुषों को गिरफ्तार किया गया है। ये उनकी हत्या करने के लिए आए थे।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद की हत्या की कोशिश की गई है। उन्होंने मंगलवार (13 जुलाई 2021) को ट्विटर पर दावा किया कि उनकी हत्या करने के लिए 4 विदेशी आए थे, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसमें से 3 मुस्लिम भी शामिल थे।

मंगलवार (13 जुलाई 2021) को स्वामी यति नरसिंहानंद एक ट्वीट में दावा किया कि बुलंदशहर पुलिस की सतर्कता के कारण, विदेशी राष्ट्रीयता के साथ एक व्यक्ति और 3 मुस्लिम पुरुषों को गिरफ्तार किया गया है। ये उनकी हत्या करने के लिए आए थे। हालाँकि, इस मामले में बुलंदशहर पुलिस का कहना है कि जिन लोगों को हिरासत में लिया गया था उनका महंत यति से कोई संबंध नहीं था।

मामले में बुलंदशहर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि तीन लोगों को हिरासत में लिया था। नियमित तौर पर इस केस की जाँच की गई है, लेकिन पूछताछ में यति नरसिंहानंद के समारोह से कोई संबंध स्थापित नहीं किया जा सका। पुलिस ने बताया है कि तीनों युवक कर्नाटक के बेंगलुरु के रहने वाले हैं और मुरादाबाद में इस्तेमाल हो चुकी कारों और यूपीएस बैटरी का काम करते हैं। तीनों युवक मुरादाबाद से अलीगढ़-आगरा होते हुए बेंगलुरु जा रहे थे। हालाँकि, रास्ता भटककर तीनों बुलंदशहर के रास्ते उस जगह पहुँच गए, जहाँ पर डासना देवी महंत यति नरसिंहानंद का कार्यक्रम चल रहा था।

अभी तक तो पुलिस को युवकों के पास से किसी भी तरीके की संदिग्ध सामग्री नहीं मिली है, लेकिन पुलिस इसकी आगे की जाँच कर रही है।

हालाँकि, इससे पहले कई बार स्वामी यति नरसिंहानंद की हत्य़ा की कोशिश की गई थी। 17 मई 2021 को दिल्ली पुलिस ने पहाड़गंज के एक होटल से जान मोहम्मद डार नाम के आतंकी को गिरफ्तार किया था। उसके पास से भगवा कपड़ा बरामद किया गया था। कश्मीर के रहने वाले डार को यति नरसिंहानंद की हत्या की सुपारी मिली थी। उसे हथियार चलाने की ट्रेनिंग भी दी गई थी। उसे आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के एक सरगना ने भेजा था।

इसी प्रकार बुधवार (जून 2, 2021) को दो संदिग्ध युवक डासना देवी मंदिर परिसर में घुसे थे। सेवादारों को जब शक हुआ तो उन्होंने इन दोनों की तलाशी ली। इनके पास से तीन सर्जिकल ब्लेड व कुछ आपत्तिजनक दवाएँ बरामद की गई। महंत के अनुयायियों के मुताबिक वह ‘सायनाइड’ था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दिलजीत दोसांझ की ‘सतलुज’ पर फैलाया जा रहा ‘अर्धसत्य’: इसे कानूनी वजहों से ZEE5 ने हटाया, सरकार ने नहीं लगाया कोई बैन; जानिए पूरा...

सतलुज पर सरकार ने बैन नहीं लगाया बल्कि फिल्म पहले IT नियम, 2021 के नियम 9 के तहत ZEE5 पर रिलीज हुई और बाद में उसी व्यवस्था के तहत उसे हटा भी दिया गया।

बाबू जगजीवन राम: वो दलित नेता जिन्हें कॉन्ग्रेस और लेफ्ट से कभी उनका हक नहीं मिला, क्योंकि वे हिंदू धर्म से नहीं करते थे...

डॉ. आंबेडकर ने जाति व्यवस्था से तंग आकर बौद्ध धर्म अपनाया, तो जगजीवन राम जीवनभर हिंदू समाज के भीतर रहकर ही कुरीतियों को सुधारने के पक्षधर रहे।
- विज्ञापन -