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ट्रक ड्राइवर से माफिया बने बदन सिंह बद्दो की कोठी पर चला योगी सरकार का बुलडोजर, दो साल से है फरार

माफिया डॉन बद्दो 28 मार्च 2019 से फरार है। कहा जा रहा है कि उसके देश में या विदेश में होने की जानकारी किसी को नहीं है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में उसकी फरारी में एक जनहित याचिका भी दायर है। हाईकोर्ट ने यूपी सरकार पर इस बारे में जवाब भी माँगा हुआ है।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार माफियाओं के लिए काल बन चुकी है। इसी कड़ी में इस बार यूपी के टॉप टेन माफियाओं में नंबर वन पर लिस्टेड बदन सिंह बद्दो के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। मेरठ विकास प्राधिकरण ने बदन सिंह बद्दो की आलीशान कोठी ध्वस्त करने की कार्रवाई सुबह से ही शुरू कर दी है। STF और यूपी पुलिस के मोस्ट वांटेड अपराधी ढाई लाख के इनामी बदन सिंह बद्दो की अलीशान कोठी पर एमडीए ने बुलडोजर चलवा दिया। पुलिस ने बद्दो की संपत्ति कुर्क करने के बाद कोठी को जमींदोज करने की बड़ी कार्रवाई की है।

साभार: दैनिक जागरण

मनोज सिंह (डिप्टी कलेक्टर एमडीए) ने मीडिया को को बताया, “बदन सिंह बद्दो की कोठी का निर्माण बिना एमडीए की अनुमति से कराया गया था, जिसका एमडीए में कोई रिकार्ड नहीं है। ऐसे में कोठी अनाधिकृत थी, इसलिए बदन सिंह बद्दो की भाभी कुलदीप कौर को नोटिस देकर जवाब माँगा गया। कुलदीप कौर कोई जवाब नहीं दे पाई, ऐसे में पुलिस की सुरक्षा लेकर कोठी को जमींदोज करने की कार्रवाई की जा रही है।

साभार: दैनिक जागरण

रिपोर्ट के अनुसार, हालाँकि, आज गुरुवार (जनवरी 21, 2021) को टीपीनगर के पंजाबीपुरा स्थित कोठी का सिर्फ 60 फीसद हिस्सा ही टूट पाया है। इस दौरान छह थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी के जवान टीपीनगर के पंजाबीपुरा पहुँच गए थे। एमडीए के अफसरों के अलावा एसएसपी से लेकर एसपी सिटी और दो एएसपी मौके पर मौजूद रहे।

साभार: दैनिक जागरण

गौरतलब है कि माफिया डॉन बद्दो 28 मार्च 2019 से फरार है। कहा जा रहा है कि उसके देश में या विदेश में होने की जानकारी किसी को नहीं है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में उसकी फरारी में एक जनहित याचिका भी दायर है। हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से इस बारे में जवाब भी माँगा हुआ है। इस तरह से देखा जाए तो बद्दो को पुलिस कस्टडी से भागे दो साल का समय पूरा होने जा रहा है। कहा जाता है कि, पुलिस कस्टडी से उसके फरार होने की कहानी भी बड़ी भी बहुत ही नाटकीय है। फिलहाल, पुलिस के पास अभी तक उसका कोई सुराग नहीं है। इसी वजह से 2.5 लाख का इनामी कुख्यात माफिया डॉन बदन सिंह बद्दो कहीं न कहीं पुलिस के सिए बड़ा सिर दर्द बन गया है।

गौरतलब है कि मेरठ विकास प्राधिकरण की अध्यक्ष और कमिश्नर अनीत सी. मेश्राम ने 18 जनवरी को कोठी धवस्त करने के आदेश जारी किए थे। साथ ही एमडीए की टीम ने बुधवार (जनवरी 20, 2021) को कुख्यात बदमाश बद्दो की आलीशान कोठी का मुआयना किया और फिर ध्वस्तीकरण के लिए रोड मैप तैयार किया था।

फरारी की कहानी बहुत फ़िल्मी है

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2019 में एडवोकेट देवेंद्र गुर्जर हत्याकांड में सजायाफ्ता होने के बाद बद्दो को फर्रुखाबाद जेल शिफ्ट किया गया था। उस समय गाजियाबाद में उसकी पेशी होनी थी, जिसके लिए फर्रुखाबाद पुलिस उसे लेकर आ रही थी। 28 मार्च 2019 को बद्दो की पेशी हुई और लौटते समय वह सभी पुलिसवालों को लेकर मेरठ के एक होटल में रुका। होटल मुकुट महल में उसने अल्कोहल पार्टी के दौरान सभी पुलिसकर्मियों को बेहोश कर बड़े आराम से फरार हो गया था।

उस दौरान फर्रुखाबाद जिले के 6 पुलिसकर्मियों सहित कुल 21 लोगों को बद्दो की फरारी में आरोपित बनाया गया था। इनमें मेरठ के कई बड़े व्यापारी, होटल मुकुट महल के मालिक मुकेश गुप्ता, करण पब्लिक स्कूल के संचालक भानु प्रताप भी शामिल थे। बाद में जेल भेज दिया गया था। उसे फरार हुए 2 साल होने को आ गए लेकिन पुलिस को आज तक उसका सुराग नहीं मिला है।

ट्रक ड्राइवर से बना मोस्ट वांटेड माफिया

बद्दो के फरार होने की कहानी जितनी फिल्मी है, उतना ही उसके ट्रक ड्राइवर से माफिया बनने तक का सफर भी है। ज़ी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रक ड्राइवर की मामूली सी नौकरी करने वाला बदन सिंह कुछ ही सालों में माफियाओं की दुनिया का बेताज बादशाह बन गया था। बदन सिंह के अतीत को जानने के लिए हमें 25 साल पहले जाना होगा। मेरठ के टीपी नगर का रहने वाला बदन सिंह ढाई दशक पहले पिता के साथ ट्रक चलाता था। इसके बाद समय बीतता गया और मारपीट की छोटी-छोटी घटनाओं से वह सुर्खियों में आता गया। अपनी गुंडागर्दी के चलते उसने वेस्टर्न यूपी के सबसे बड़े दबंग सुशील मूंछ और भूपेंद्र बाफर से कॉन्टैक्ट बनाकर अपराध जगत में एंट्री की।

इसके बाद बदन सिंह बद्दो के अपराधों का सिलसिला शुरू हुआ। पैसे और जमीन के लिए बद्दो पर कई हत्याओं का भी आरोप है। शराब की तस्करी करने और भूमाफिया बनने के साथ उसने केबल कारोबार में भी वर्चस्व हासिल किया। केबल व्यवसायी पवित्र मैत्रेय के मर्डर में भी उसका नाम सामने आया और 2011 में हुई बीएसपी जिला पंचायत सदस्य संजय गुर्जर की हत्या के लिए भी बद्दो वॉन्टेड आरोपित है। इसके अलावा, एडवोकेट देवेंद्र गुर्जर की हत्या के मामले में भी उसे अपराधी घोषित कर आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।

इसके अपराधों की लिस्ट बहुत लम्बी है। रंगदारी वसूलने के लिए जाना जाने वाले बद्दो ने दो करोड़ रुपए के लिए प्रतिष्ठित व्यवसायी राजेश दीवान को धमकी दी थी। इस मामले में बद्दो के खिलाफ परतापुर और लालकुर्ती थाने में केस दर्ज हैं और चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। इसके अलावा, उस पर संपत्तियों पर कब्जा करने और रंगदारी वसूलने के कई अन्य मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। इतना ही नहीं, ऐसा कहा जाता है कि अपराध की दुनिया का कोई कोना ऐसा नहीं है, जिसको बद्दो ने न छुआ हो। वह सुपारी किंग के नाम से भी कुख्यात है। बदन सिंह पर यह आरोप है कि वह सुपारी लेकर अब तक कई हत्याएँ करा चुका है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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