Tuesday, August 9, 2022
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एक सैनिक समेत 13 की मौत, मजदूरों के पिकअप वैन पर गोलीबारी के आरोप: नागालैंड में भड़की हिंसा, अमित शाह ने कहा – जाँच होगी

प्रतिबंधित आतंकी संगठन NSCN (K) के 'युंग ऑन्ग' गुट के वहाँ सक्रिय होने की सूचना मिली थी। बता दें कि ये आतंकी संगठन म्यांमार में स्थित है और भारत में अपनी गतिविधियों को अंजाम देता है।

नागालैंड के मोन जिले में ओटिंग और तिरु गाँव के बीच के इलाके में हुई गोलीबारी में 13 लोगों की मौत हो गई है, जिसमें भारतीय सेना का एक जवान भी शामिल है। ये घटना शनिवार (4 दिसंबर, 2021) की शाम को हुई। एक अधिकारी ने बताया कि दिहाड़ी मजदूरों का एक समूह एक कोयले की खदान से ओटिंग गाँव में लौट रहा था। वो लोग एक पिकअप वैन में थे। आरोप है कि सैनिकों ने उन पर गोलीबारी की। कई घंटों तक जब वो नहीं लौटे तो उनके गाँव के कुछ लोग उन्हें खोजने के लिए निकले।

इस दौरान उन मजदूरों के शव पिकअप वैन में ही पड़े रहे। इसके बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए और उन्होंने सुरक्षा बलों की दो गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। स्थिति फ़िलहाल नियंत्रण में है और मौके पर पुलिस तैनात है। ‘असम राइफल्स’ ने बताया कि उस क्षेत्र में उग्रवादियों की गतिविधियों को लेकर मिली विश्वसनीय ख़ुफ़िया सूचना के बाद एक अभियान चलाने की योजना बनी थी। इस घटना और इसके बाद हुई घटनाओं को लेकर ‘असम राइफल्स’ ने खेद भी प्रकट किया है।

‘असम राइफल्स’ ने ये भी जानकारी दी है कि 13 ज़िंदगियों के चले जाने की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और उच्च-स्तर पर इसकी जाँच की जा रही है। साथ ही आश्वस्त किया गया है कि कानून के हिसाब से इस मामले में उचित करवाई की जाएगी। जहाँ सेना के एक जवान की मौत हुई है, कई अन्य घायल भी हुए हैं। प्रतिबंधित आतंकी संगठन NSCN (K) के ‘युंग ऑन्ग’ गुट के वहाँ सक्रिय होने की सूचना मिली थी। बता दें कि ये आतंकी संगठन म्यांमार में स्थित है और भारत में अपनी गतिविधियों को अंजाम देता है।

नागालैंड के मोन जिले की सीमा भी म्यांमार से लगती है। नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताते हुए मृतकों के परिवार को सांत्वना दी और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने इस मामले की जाँच के लिए एक उच्च-स्तरीय SIT के गठन की घोषणा करते हुए कहा कि वहाँ के कानून के हिसाब से न्याय होगा। उन्होंने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी दुःख जताते हुए जाँच का आश्वासन दिया है।

असम के कॉन्ग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि इस गोलीबारी के पीछे का सच उजागर होना चाहिए। TMC की नेता सुष्मिता देव ने इसे चिंताजनक बताते हुए जुलाई में असम-मिजोरम सीमा विवाद हिंसा को याद किया और कहा कि अब तक उसका कारण सामने नहीं आया है। मेघायल के मुख्यमंत्री कोर्नाड संगमा ने भी इस घटना पर दुःख जताया है। नागालैंड के पूर्व मुख्यमंत्री टीआर जेलिआंग ने जाँच समिति के गठन की माँग करते हुए इसे ‘नरसंहार’ करार दिया।

दीमापुर में स्थित भारतीय सेना के III कॉर्प्स मुख्यालय ने जानकारी दी है कि कई सैनिक भी इसमें बुरी तरह घायल हुए हैं। कोन्याक समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले ‘कोन्याक यूनियन’ ने कहा कि मजदूरों की गाड़ी पर घात लगा कर सैनिकों ने गोलीबारी की। ‘ईस्टर्न नागालैंड पीपल्स आर्गेनाईजेशन (ENPO)’ ने इस घटना को लेकर विरोध जताते हुए राजधानी कोहिमा के पास किसामा में चल रहे वार्षिक हॉर्नबिल फेस्टिवल से उन 6 ट्राइब्स को वापस ले लिया है, जिनका वो प्रतिनिधित्व करता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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