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विराट कोहली के रेस्टोरेंट पर लगा भेदभाव का आरोप, LGBTQ ग्रुप के नो एंट्री से भड़के लोग

"हमने 2 सप्ताह पहले उन्हें मैसेज किया। उनका कोई जवाब नहीं आया। हमने रेस्टोरेंट की पुणे ब्रांच से संपर्क किया, उन्होंने फोन पर बताया कि रेस्टोरेंट में केवल सिसजेंडर, विषमलैंगिक जोड़ों या सिसजेंडर महिलाओं के समूहों की ही एंट्री हो सकती है। समलैंगिक जोड़े या समलैंगिक पुरुषों के ग्रुप को एंट्री नहीं है।"

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली के रेस्टोरेंट One8 commune पर LGBTQ+ समुदाय के लोगों को एंट्री नहीं देने का आरोप लगा है। एलजीबीटी समुदाय के अधिकारों की रक्षा करने वाले एक समूह ‘यस, वी एक्ज़िस्ट’ ने इंस्टाग्राम पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा, ”क्रिकेटर के रेस्टोरेंट One8 commune में स्टैग के लिए रेस्टोरेंट में एंट्री नहीं है।” विराट के इस रेस्टोरेंट की ब्रांच पुणे, दिल्ली और कोलकाता में हैं। उनकी जोमैटो लिस्टिंग कहती है कि स्टैग के लिए रेस्टोरेंट में एंट्री नहीं है।

पोस्ट में आगे लिखा गया, “हमने 2 सप्ताह पहले उन्हें मैसेज किया। उनका कोई जवाब नहीं आया। हमने रेस्टोरेंट की पुणे ब्रांच से संपर्क किया, उन्होंने फोन पर बताया कि रेस्टोरेंट में केवल सिसजेंडर, विषमलैंगिक जोड़ों या सिसजेंडर महिलाओं के समूहों की ही एंट्री हो सकती है। समलैंगिक जोड़े या समलैंगिक पुरुषों के ग्रुप को एंट्री नहीं है।”

Yes, we exist‘ ने विराट कोहली से कहा, “आप शायद इसके बारे में नहीं जानते हैं, लेकिन पुणे में आपका रेस्टोरेंट One8 Commune LGBTQIA + गेस्ट के साथ भेदभाव करता है। अन्य ब्रांच का भी यही हाल है। यह अस्वीकार्य है। उम्मीद करते हैं कि आप इसमें जरूरी बदलाव करेंगे।”

इसमें आगे लिखा गया, “भारत में ऐसे फैंसी रेस्टोरेंट, बार और क्लबों में LGBTQ के साथ भेदभाव आम बात है और विराट कोहली भी यही कर रहे हैं।” इस पोस्ट के बाद से विरोट कोहली इंस्टाग्राम यूजर्स के निशाने पर आ गए हैं। उन्हें यूजर्स की कड़ी प्रतिक्रिया झेलनी पड़ रही है।

बता दें कि मीडिया रिपोर्ट्स में ट्विटर यूजर्स के हवाले से लिखा गया है कि उन्होंने इस मामले पर जोमैटो से भी ध्यान देने का अनुरोध किया है। वहीं, ‘Yes, We Exist’ द्वारा लगाए गए आरोपों के जवाब में वन8 कम्यून ने एक बयान जारी कर कहा, “रेस्टोरेंट की सभी ब्रांच सभी लोगों का स्वागत करने में विश्वास करता है। जैसा कि हमारे नाम से पता चलता है, हम अपनी स्थापना के बाद से हमेशा सभी समुदायों की सेवा में समावेशी रहे हैं।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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