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पश्चिम बंगाल में प्राइमरी के बच्चों को पढ़ाया जा रहा Ugly का मतलब अश्वेत, अभिभावकों ने किया विरोध

वर्णमाला और शब्दों का ज्ञान देने वाली बच्चों की इस किताब में U का अर्थ UGLY बताया गया और UGLY का मतलब समझाने के लिए इसमे एक काले व्यक्ति के चित्र को प्रयोग में लाया गया। अब इसी चित्र को पाठ्यक्रम की किताबों में देखते हुए, अभिभावकों ने अपनी आवाज उठाई।

पश्चिम बंगाल के बर्दवान (Burdwan) जिले के एक प्राथमिक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता ने उनकी किताब में दर्शाए गए एक चित्रण को लेकर विरोध किया है। इस चित्रण के जरिए काले रंग को बदसूरती का पर्याय बताने का प्रयास हुआ।

वर्णमाला और शब्दों का ज्ञान देने वाली बच्चों की इस किताब में U का अर्थ UGLY बताया गया और UGLY का मतलब समझाने के लिए इसमे एक काले व्यक्ति के चित्र को प्रयोग में लाया गया। अब इसी चित्र को पाठ्यक्रम की किताबों में देखते हुए, अभिभावकों ने अपनी आवाज उठाई।

यहाँ बता दें, यह किताब पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्दवान जिले के बर्दवान शहर में स्थित सरकारी सहायता प्राप्त म्युनिसिपल गर्ल्स हाई स्कूल के प्री-प्राइमरी डिपार्टमेंट की है।

इस पुस्तक में ब्लैक मैन को लेकर यह विवाद उस समय सामने आया है, जब अमेरिका के मिनियापोलिस में पुलिस हिरासत में एक काले व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद दुनिया, विशेष रूप से अमेरिका में नस्लवाद के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, इस संबंध में कोलकाता ईवनिंग कॉलेज के शिक्षक सुदीप मजूमदार ने कहा, “मेरी बेटी इस नगर निगम हाई स्कूल में पढ़ रही है। मैं अपनी बेटी को पढ़ाते हुए इस विषय पर आया था। इस तरह से एक काले व्यक्ति को बदसूरत कहकर बच्चों को शिक्षित करना पूरी तरह से गलत है।”

उन्होंने कहा, “इस किताब को जल्द ही वापस ले लिया जाना चाहिए। किसी भी स्थिति में, बच्चों को अश्वेतों के नाम पर दी जा रही शिक्षा उनके कोमल दिलों को हीन भावना से भरने और अश्वेतों के साथ भेदभाव करने का काम करेगी। यह गलत है।”

इसके बाद स्कूल प्राथमिक शिक्षा के जिला निरीक्षक स्वप्न कुमार दत्त ने भी इस हरकत को गलत बताया। वहीं, इस मामले पर जिला इंस्पेक्टर ने कहा “इस तरह की किताब स्कूल द्वारा दी गई आधिकारिक किताब नहीं है। हम इसके बारे में अभी स्कूल से बात करेंगे। अगर जरूरत हो तो किताब बदलनी चाहिए। ”

गौरतलब है कि बंगाल के स्कूलों में बच्चों को पढ़ाई जाने वाली किताबों में ऐसी त्रुटि पहली बार सामने नहीं आई है। इससे पहले पश्चिम बंगाल के ही एक स्कूल की किताब में फ्लाइंग सिख के नाम पर फरहान अख्तर की तस्वीर दिखाई गई थी। जबकि ये बात सर्वविख्यात है कि फ्लाइंग सिख की उपाधि भारतीय एथलीट मिल्खा सिंह को मिली थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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