विषय: Racism

अल्का लाम्बा

अल्का लाम्बा, आपने जिन्हें चौकीदार कहा, उन गोरखाओं का सम्मान उनके दुश्मन भी करते हैं

आम आदमी पार्टी और देश का मानस मथने वाले केजरीवाल को आज खुद गंभीर आत्ममंथन की आवश्यकता है। पार्टी अस्तित्व बचाने की लड़ाई हारती हुई दिख रही है।

प्रिय मृणाल पांडे, आपकी बातें सड़क पर नाइदो तनियम जैसी हत्या करा सकती हैं! सँभालिए खुद को

कोई व्यक्ति अपने पद का इस्तेमाल लोगों को जोड़ने में कर रहा है, और आपके पास उसकी नीतियों को लेकर, उसके कार्य को लेकर कुछ कहने को नहीं है, तो आप उसकी उस कोशिश का उपहास करते हैं जहाँ वो किसी जनजाति की परम्परा का सम्मान कर रहा होता है!

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