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क्या छुपाना चाहती हैं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी? फैक्ट फाइंडिंग टीम के सदस्यों को हिंसाग्रस्त इलाकों में जाने से रोक रही है पुलिस, रामनवमी पर हुई थी हिंसा

पटना हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और टीम के अध्यक्ष नरसिम्हा रेड्डी ने कहा, "वे (पुलिस अधिकारी) कह रहे हैं कि इलाके में सीआरपीसी की धारा 144 लगाई गई है, लेकिन यहाँ कुछ भी नहीं है। वे डरे हुए हैं, क्योंकि उनका पर्दाफाश हो जाएगा।"

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार शायद नहीं चाहती कि रामनवमी पर हुई हिंसा की सही जानकारी सामने आए। दरअसल, हिंसा की जाँच करने पहुँची निजी फैक्ट फाइंडिंग टीम को बंगाल पुलिस ने एक बार फिर रविवार (9 अप्रैल 2023) को हावड़ा जाने से रोक दिया। इतना ही नहीं, पुलिस ने टीम के सदस्यों के साथ बदतमीजी भी की।

रामनवमी पर बंगाल में हुई हिंसा की जाँच के लिए मानवाधिकार संगठन की एक फैक्ट फाइंडिंग टीम राजधानी कोलकाता पहुँची थी। टीम के सदस्यों को पुलिस ने हिंसाग्रस्त हावड़ा जाने से रविवार को रोक दिया। इससे पहले टीम को बंगाल पुलिस ने रोसड़ा जाने से रोक दिया था।

पुलिस ने तर्क दिया कि हिंसा के कारण इलाके में धारा 144 लागू है। इसलिए मानवाधिकार संगठन के टीम इन इलाकों में नहीं जा सकते। टीम रविवार को हावड़ा में संबंधित घटनास्थल पर जाना चाहता था और वहाँ के पीड़ित परिवारों से बात करके स्थिति का सही जायजा लेना चाहता था।

हालात का जायजा के लिए पटना उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश नरसिम्हा रेड्डी के नेतृत्व में 6 सदस्यीय टीम हिंसा प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने पहुँची है। पुलिस ने टीम को हुगली जिले का दौरा करने से रोक दिया था।

पूर्व मुख्य न्यायाधीश नरसिम्हा रेड्डी ने कहा, “वे (पुलिस अधिकारी) कह रहे हैं कि इलाके में सीआरपीसी की धारा 144 लगाई गई है, लेकिन यहाँ कुछ भी नहीं है। वे डरे हुए हैं, क्योंकि उनका पर्दाफाश हो जाएगा।”

टीम के एक सदस्य ने कहा कि पुलिस ने उन्हें रोका था उन्होंने कहा कि वे लोग घायलों से बात कर उनका आत्मविश्वास बढ़ाने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे घटना की जाँच करने नहीं जा रहे हैं। वहाँ के लोगों में विश्वास जगाने जा रहे हैं।

टीम के सदस्यों का कहना है कि इसके पहले शनिवार (8 अप्रैल 2023) को रिसड़ा जाने के दौरान रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोक दिया था। उन्होंने कहा, “हम पैदल जाना चाहते थे, क्योंकि बंगाल में कहीं भी कर्फ्यू नहीं है। आज दूसरे दिन हुगली पुलिस ने कार को रोक दिया।” उन्होंने कहा कि बंगाल की ममता सरकार राज्य की जनता के बारे में कुछ नहीं सोचती।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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