Wednesday, May 25, 2022
Homeदेश-समाजमुंबई से गिरफ्तार किया गया यूट्यूबर इकबाल परवेज, CM चौहान के बयान को एडिट...

मुंबई से गिरफ्तार किया गया यूट्यूबर इकबाल परवेज, CM चौहान के बयान को एडिट कर फैला रहा था झूठ: पूछताछ में कबूली करतूत

पूछताछ के दौरान उसने मुख्यमंत्री के बयान के वीडियो को एडिट कर उसे अपलोड करने की बात स्वीकार ली है। इस मामले में कितने लोग और शामिल हैं, इस तरह की हरकत करने का उनका मकसद क्या था, इस बारे में इकबाल से पूछताछ की जा रही है।

मध्य प्रदेश पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मुंबई के एक यूट्यूबर और पत्रकार को यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नई आबकारी नीति को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के संपादित वीडियो को अपलोड करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि प्रदेश सरकार द्वारा नई शराब नीति की घोषणा के बाद आरोपित इकबाल परवेज ने फर्जी वीडियो अपलोड किया था।

क्राइम ब्रांच भोपाल के पुलिस उपायुक्त (DCP) अमित कुमार ने बताया कि हमें गुरुवार को उसके बारे शिकायत मिली थी, जिसके बाद 45 वर्षीय स्वतंत्र पत्रकार इकबाल परवेज को महाराष्ट्र के पास ठाणे जिले में स्थित मीरा रोड से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद उसे शनिवार को भोपाल लाया गया है। उस पर सीएम शिवराज सिंह के बयानों को एडिट कर फर्जी वीडियो बनाने का आरोप है। आरोपित ने इस वीडियो को यूट्यूब समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल कर दिया था। परवेज के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, परवेज अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का पूर्व छात्र है, वह मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और कई राष्ट्रीय चैनलों में बतौर पत्रकार काम कर चुका है। वह पिछले 15 साल से मुंबई में काम कर रहा है। पुलिस उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान में परवेज स्वतंत्र पत्रकार है और अपनी खबरों को यूट्यूब पर अपलोड करता है।

पुलिस आयुक्त (एसीपी) के असिस्टेंट शिवपाल कुशवाहा ने कहा कि इकबाल परवेज ने ‘सच सबसे तेज’ नाम के YouTube चैनल पर ‘ये क्या बोल रहे हैं भाजपा के मुख्यमंत्री’ नाम से वीडियो साझा किया था। वीडियो में सीएम के एक पुराने वीडियो को एडिट कर नई आबकारी नीति के लिए दिए गए उनके बयान से जोड़ा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि शराब पीने के बाद लोग ‘जय श्री राम’ के नारे लगाएँगे।

बता दें कि पूछताछ के दौरान उसने मुख्यमंत्री के बयान के वीडियो को एडिट कर उसे अपलोड करने की बात स्वीकार ली है। इस मामले में कितने लोग और शामिल हैं, इस तरह की हरकत करने का उनका मकसद क्या था, इस बारे में इकबाल से पूछताछ की जा रही है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मुस्लिम छात्रों के झूठे आरोपों पर अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी ने किया निलंबित’: हिन्दू छात्र का आरोप – मिली धर्म ने समझौता न करने की...

तिवारी और उनके दोस्तों को कॉलेज में सार्वजनिक रूप से संघी, भाजपा के प्रवक्ता और भाजपा आईटी सेल का सदस्य कहा जाता था।

आतंकी यासीन मलिक को उम्रकैद: टेरर फंडिग में सजा के बाद बजे ढोल, श्रीनगर में कट्टरपंथियों ने की पत्थरबाजी

कश्मीर में कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार के आरोपित यासीन मलिक को टेरर फंडिंग केस में 25 मई को सजा मुकर्रर हुई।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
188,731FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe