हवाला नेटवर्क के जरिए पैसों की आवाजाही
ED के अनुसार, यह रकम जानबूझकर छह बार लेन-देन के जरिए ट्रांसफर की गई, ताकि पैसों के असली स्रोत को छिपाया जा सके। जाँच में सामने आया है कि इस राशि को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाला चैनलों के माध्यम से कोलकाता से गोवा भेजा गया।
एजेंसी का कहना है कि पैसों की कड़ी नई दिल्ली की एक एनबीएफसी कंपनी के पूर्व निदेशक से शुरू होकर हवाला नेटवर्क के कई सदस्यों तक पहुँची और अंततः गोवा में नकद डिलीवरी कराई गई।
गोवा चुनाव और I-PAC से जुड़ा दावा
ED ने कोर्ट को बताया कि यह पैसा गोवा विधानसभा चुनाव 2021–22 के दौरान राजनीतिक अभियानों की फंडिंग में इस्तेमाल हुआ। एजेंसी का आरोप है कि गोवा में एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी और उसकी सहयोगी इकाई I-PAC के लिए चुनावी कार्यक्रम और कैंपेन से जुड़े काम देख रही थीं।
उस दौरान I-PAC के को-फाउंडर और डायरेक्टर प्रतीक जैन गोवा में संगठन के ऑपरेशंस सँभाल रहे थे। इन तथ्यों के आधार पर ED ने 8 जनवरी 2026 को दिल्ली और कोलकाता में कुल 10 ठिकानों पर छापेमारी की।
कोयला तस्करी सिंडिकेट की भूमिका
ED का दावा है कि यह पूरी रकम अनूप माझी उर्फ लाला के नेतृत्व वाले कोयला तस्करी सिंडिकेट से जुड़ी थी। आरोप है कि ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) की खदानों से अवैध रूप से कोयला निकालकर उसे पश्चिम बंगाल के कई जिलों की फैक्ट्रियों और प्लांट्स को बेचा गया।
फैक्ट्री मालिकों से नकद भुगतान लिया गया, जिसे बाद में हवाला नेटवर्क के जरिए अलग-अलग जगहों पर भेजा गया। ED ने स्पष्ट किया है कि ये सभी आरोप प्रारंभिक जाँच के आधार पर लगाए गए हैं और इनकी न्यायिक पुष्टि होना अभी बाकी है। मामले की सुनवाई कलकत्ता हाई कोर्ट में चल रही है और आने वाले दिनों में इस पर और अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

