अमेरिका में फिर भारतीय की हत्या, गैस स्टेशन पर चंद्रशेखर पोल को मारी गई गोली: हमलावर फरार, हैदराबाद में परिवार का बुरा हाल; 1 माह में तीसरी घटना

अमेरिका में हिंदू छात्रों के खिलाफ हमलों और हत्याओं की घटनाएँ बढ़ रही हैं। हाल ही में, हैदराबाद के 27 वर्षीय छात्र चंद्रशेखर पोल की डलास में गोली मारकर हत्या कर दी गई। जब यह घटना घटी, तब वह एक गैस स्टेशन पर पार्ट-टाइम काम कर रहा था। इस घटना से अमेरिकी पुलिस और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि पिछले एक महीने में US में हिंदुओं छात्रों और लोगों की हत्या करने के कई मामले सामने आए है, लेकिन कार्रवाई की गति बहुत धीमी रही है।

अमेरिका में भारतीय छात्र चंद्रशेखर पोल की हत्या

जानकारी के अनुसार, चंद्रशेखर पोल साल 2023 में हाई एजुकेशन के लिए अमेरिका गए थे। शुक्रवार (3 अक्तूबर 2025) रात चंद्रशेखर डलास, टेक्सास में एक गैस स्टेशन पर काम कर रहे थे। तभी एक अज्ञात हमलावर ने चंद्रशेखर की हत्या कर दी।

चंद्रशेखर के परिवार ने भारत सरकार से मदद की अपील की है ताकि उनका शव जल्दी वापस लाया जा सके। चंद्रशेखर पोल के माता-पिता ने राज्य और केंद्रीय सरकार से सुरक्षा की गारंटी माँगी है और उनके बेटे के शव को भारत लाने की प्रक्रिया में तेजी की माँग की है।

अमेरिकी पुलिस की ढिलाई

अमेरिकी पुलिस और स्थानीय प्रशासन की सुस्ती पर सवाल उठ रहे हैं। चंद्रशेखर पोल की हत्या के मामले में भी, पुलिस अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाई है। दांटन काउंटी मेडिकल एक्सामिनर द्वारा मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए जाने में देरी हो रही है, जिसके कारण शव की देश लौटना (repatriation) प्रक्रिया में रुकावट आ रही है।

भारत के ह्यूस्टन में भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने इस मामले में सक्रिय रूप से परिवार के साथ संपर्क बनाए रखा है और जाँच को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है।

सरकारी समर्थन और परिवार की प्रतिक्रिया

जानकारी के अनुसार, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव और अन्य राजनेताओं ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया है और पीड़ित परिवार को सभी प्रकार का समर्थन देने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और उनका शव जल्दी भारत लाने की प्रक्रिया में हर संभव सहायता करेगी।

अमेरिका में भारतीयों की सिलसिलेवार हत्याएँ: बढ़ती घटनाओं पर सुरक्षा और US मीडिया की चुप्पी पर सवाल

अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की हत्या की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। कुछ मामलों में पीड़ित छात्र थे, जो पढ़ाई या काम के सिलसिले में अमेरिका में रह रहे थे, वहीं कुछ प्रवासी नागरिक नौकरी कर रहे थे। ये हत्याएँ इतनी घिनौनी और चिंताजनक हैं कि अमेरिका की सुरक्षा व्यवस्था और मीडिया कवरेज पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

1- चंद्र मौली नागमल्लैया की निर्मम हत्या (डलास, टेक्सास)

10 सितंबर 2025 को कर्नाटक के रहने वाले चंद्र मौली ‘बॉब’ नागमल्लैया की उनके ही सहकर्मी ने चाकू से हमला कर हत्या कर दी और उनके सिर को धड़ से अलग कर दिया, वो भी उनकी पत्नी और बेटे के सामने। वह डलास के एक होटल में मैनेजर थे। हत्यारा घटनास्थल पर ही गिरफ्तार हुआ। इस घिनौनी हत्या को लेकर अमेरिकी मीडिया चुप थी।

2- कपिल की गोली मारकर हत्या (कैलिफोर्निया)

6 सितंबर 2025 को हरियाणा के जींद जिले के कपिल की कैलिफोर्निया में पेशाब करने से रोकने पर एक अमेरिकी नागरिक ने गोलियों से हत्या कर दी। कपिल ‘डंकी रूट’ से अमेरिका गया था और एक केस का सामना कर रहा था। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था।

3- पारुचुरी अभिजीत की संदिग्ध हत्या (बोस्टन)

11 मार्च 2025 में आंध्र प्रदेश के 20 वर्षीय छात्र पारुचुरी अभिजीत की लाश एक कार में लावारिस हालत में मिली। वह बोस्टन विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहा था। हत्या के पीछे पैसे के विवाद और लैपटॉप चोरी की आशंका जताई गई। इस पर भी अमेरिकी मीडिया और कानून व्यवस्था पर सवाल उठे थे।

4- विवेक सैनी की हत्या (जॉर्जिया)

जनवरी 2025 में हरियाणा के छात्र विवेक सैनी को एक बेघर अमेरिकी व्यक्ति ने पीट-पीटकर मार डाला। वह पढ़ाई के साथ एक स्टोर में काम कर रहे थे। हत्या की यह घटना भी भारतीय समुदाय में गहरे आघात का कारण बनी।

5- नील आचार्य की रहस्यमयी मौत (इंडियाना)

जनवरी 2025 में ही 19 वर्षीय नील आचार्य का शव इंडियाना की पर्ड्यू यूनिवर्सिटी के कैंपस में मिला। हालाँकि इसे हत्या नहीं माना गया, लेकिन लगातार हो रही मौतों की फेहरिस्त में यह नाम भी जुड़ गया है।

इन सभी घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि अमेरिका में भारतीयों, खासकर छात्रों और प्रवासी कामगारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर खामियाँ हैं। बार-बार हो रही हत्याओं के बाद भी कई मामलों में जाँच में सुस्ती, मीडिया का मौन और प्रशासन की निष्क्रियता साफ दिख रही है।