बिहार के सिवान जिले में हर्ष सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपित सोनू यादव को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है। पुलिस के अनुसार, रविवार (3 मई 2026) तड़के करीब 4 बजे जामो थाना क्षेत्र के लद्दी गाँव के पास गाड़ी चेकिंग के दौरान सोनू यादव को घेर लिया गया। इस दौरान आरोपित ने पुलिस पर फायरिंग की जिसके जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की। मुठभेड़ में सोनू यादव को सीने में गोली लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोनू यादव हुसैनगंज थाना क्षेत्र के सरेया गाँव का रहने वाला था और इस हत्याकांड का मुख्य आरोपित था। पुलिस को उसकी लोकेशन मिलने के बाद टीम ने घेराबंदी कर ऑपरेशन चलाया। इससे पहले भी इसी मामले में पुलिस ने तेजी दिखाते हुए एक अन्य आरोपी छोटू यादव को मुठभेड़ के बाद घायल अवस्था में गिरफ्तार किया था जिसके पैर में गोली लगी थी। वहीं, एक और आरोपित सुनील यादव को भी पुलिस ने पकड़ लिया है।
यह पूरा मामला 26 अप्रैल की शाम का है जब रोड रेज की एक मामूली घटना ने हिंसक रूप ले लिया। नगर थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर आंदर ढाला ओवरब्रिज के पास कार साइड देने को लेकर बीजेपी नेता मनोज सिंह के भांजे हर्ष सिंह उनके बहनोई चंदन सिंह और आरोपितों के बीच बहस हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और बदमाशों ने कार से हथियार निकालकर दोनों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।
इस हमले में हर्ष सिंह की मौके पर ही मौत हो गई जबकि चंदन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका इलाज अभी पटना में चल रहा है। घटना के बाद से पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही थी और अब मुख्य आरोपित के मारे जाने के बाद इस मामले में बड़ी सफलता मानी जा रही है। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह चौथा एनकाउंटर हैं, इससे पहले 30 अप्रैल को हर्ष हत्याकांड से जुड़े एक अन्य आरोपी छोटू यादव को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद घायल कर दिया। कार्रवाई के दौरान उसके पैर में गोली मारी गई, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
29 अप्रैल को भागलपुर में भी एक बड़ा एनकाउंटर हुआ। यहाँ नगर परिषद में घुसकर अफसर की हत्या करने वाले आरोपी रामधनी सिंह यादव को पुलिस ने ढेर कर दिया। यह घटना प्रशासनिक तंत्र पर सीधे हमले के रूप में देखी गई थी जिसके बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाया। वहीं 22 अप्रैल को पटना में ज्वेलरी शॉप लूटकांड के आरोपी दिलीप कुमार को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली मारी।

