अम्बेडकर और कांशीराम का अपमान करने वाली कॉन्ग्रेस से रहें सावधान: मायावती ने राहुल गाँधी के ‘प्रेम’ को बताया चुनावी चाल

बहुजन समाज पार्टी (BSP) की मुखिया मायावती ने बसपा संस्थापक कांशीराम की जयंती (15 मार्च) के मौके पर कॉन्ग्रेस और राहुल गाँधी पर सीधा हमला बोला है। मायावती ने साफ शब्दों में कहा कि कॉन्ग्रेस की ‘दलित-विरोधी सोच’ की वजह से ही कांशीराम जी को बसपा बनानी पड़ी थी। उनका यह गुस्सा तब फूटा जब राहुल गाँधी ने लखनऊ में कांशीराम जयंती के एक कार्यक्रम में शिरकत की। मायावती ने इसे महज एक दिखावा करार दिया है।

कॉन्ग्रेस ने बाबा साहेब को नहीं दिया सम्मान

मायावती ने सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकालते हुए कहा कि कॉन्ग्रेस ने दशकों तक देश पर राज किया, लेकिन संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर को वह सम्मान कभी नहीं दिया जिसके वे हकदार थे। उन्होंने याद दिलाया कि कॉन्ग्रेस ने अपने राज में बाबा साहेब को ‘भारत रत्न’ तक नहीं दिया था। मायावती का तर्क है कि जो पार्टी अम्बेडकर जी का सम्मान नहीं कर सकी, वह कांशीराम जी का सम्मान क्या करेगी?

कांशीराम के निधन पर ‘शोक’ तक नहीं मनाया

बसपा सुप्रीमो ने एक पुराना जख्म कुरेदते हुए कहा कि जब मान्यवर कांशीराम जी का निधन हुआ था, तब केंद्र में कॉन्ग्रेस की ही सरकार थी। उस समय कॉन्ग्रेस ने उनके सम्मान में एक दिन का राष्ट्रीय शोक तक घोषित नहीं किया था। मायावती ने सवाल उठाया कि आज वही कॉन्ग्रेस और उसके नेता किस मुँह से कांशीराम जी की तारीफ कर रहे हैं।

मायावती ने अपने कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि कई पार्टियाँ अब कांशीराम जी के नाम का सहारा लेकर दलित समाज को गुमराह करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष का मकसद कांशीराम जी को सम्मान देना नहीं, बल्कि उनके द्वारा बनाई गई बसपा को कमजोर करना है। मायावती ने अपील की कि लोग इन राजनीतिक चालों और ‘चुनावी प्रेम’ को समझें और पार्टी को मजबूत रखने के लिए एकजुट रहें।

कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में जुड़ने की अपील

15 मार्च 2026 को होने वाले कार्यक्रमों को लेकर मायावती ने समर्थकों से जोश दिखाने को कहा है। उन्होंने याद दिलाया कि 1984 में बसपा की नींव इसलिए रखी गई थी ताकि दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समाज को एक मजबूत राजनीतिक ताकत मिल सके। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कॉन्ग्रेस और अन्य दलों की रणनीतियों से सतर्क रहने को कहा है।