लद्दाख में भड़की हिंसा के बाद हिरासत में लिए गए ‘एक्टिविस्ट’ सोनम वांगचुक को केंद्र सरकार ने तुरंत रिहा करने का फैसला किया है। गृह मंत्रालय ने इस संबंध में एक बयान जारी किया जिसमें बताया गया है कि सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत उनकी हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। लद्दाख में कुछ महीनों पहले हुई हिंसा के बाद सोनम को हिरासत में लिया गया था और वे कई महीनों से पुलिस की निगरानी में थे।
गृह मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “24 सितंबर 2025 को लेह में कानून-व्यवस्था की स्थिति के मद्देनजर सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को NSA के तहत हिरासत में लिया गया था। वांगचुक इस हिरासत की अवधि का लगभग आधा समय व्यतीत कर चुके हैं। सरकार लद्दाख में विभिन्न हितधारकों और समाज के नेताओं के साथ सक्रिय रूप से संवाद कर रही है।”
The government has decided to revoke the detention of Sonam Wangchuk with immediate effect by exercising the powers available under the National Security Act: Ministry of Home Affairs
— ANI (@ANI) March 14, 2026
(File pic of climate activist Sonam Wangchuk) pic.twitter.com/QaWpy1sa0s
गृह मंत्रालय ने आगे कहा, “बंद और विरोध प्रदर्शनों का मौजूदा माहौल समाज के शांतिप्रिय स्वरूप के लिए हानिकारक साबित हुआ है और इसने छात्रों, नौकरी चाहने वालों, व्यवसायों, पर्यटन संचालकों और पर्यटकों सहित समुदाय के विभिन्न वर्गों को तथा लद्दाख की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। सरकार लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि सभी हितधारकों के साथ रचनात्मक और सार्थक संवाद को सुगम बनाया जा सके।”
गृह मंत्रालय ने कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत सोनम वांगचुक की हिरासत तत्काल प्रभाव से रद्द करने का निर्णय लिया है। मंत्रालय ने कहा कि सरकार लद्दाख की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराती है। 26 सितंबर को NSA के तहत वांगचुक को हिरासत में लिया था और तब से वे राजस्थान के जोधपुर जेल में बंद हैं। गौरतलब है कि लद्दाख हिंसा में 4 लोगों की मौत हो गई थी और 150 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।

