राहुल गाँधी ने बुलाई पार्टी बैठक, नहीं पहुँचे शशि थरूर: लगातार गैरहाजिरी से कॉन्ग्रेस में बढ़ी दूरियों और असहमतियों की चर्चा तेज

कॉन्ग्रेस सांसद शशि थरूर एक बार फिर पार्टी बैठक से गैरहाजिर रहे, जिससे संगठन के भीतर उनकी अनुपस्थिति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालाँकि थरूर ने पार्टी को पहले ही अपनी उपलब्धता न होने की जानकारी दे दी थी, फिर भी यह मुद्दा लगातार सुर्खियों में है और सवाल उठ रहा है कि पार्टी से लगातार बढ़ती उनकी दूरी आखिर किस वजह से है।

राहुल गाँधी की बैठक से अनुपस्थिति

दरअसल कॉन्ग्रेस के लोकसभा सांसदों की राहुल गाँधी की अध्यक्षता में शुक्रवार (12 दिसंबर 2025) को हुई बैठक में तिरुवनंतपुरम सांसद शशि थरूर नहीं पहुँचे। पार्टी का कहना है कि थरूर ने पहले ही पार्टी को सूचित कर दिया था कि वे उपलब्ध नहीं होंगे।

उनके साथ चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी भी बैठक में शामिल नहीं हुए। थरूर की एक्स टाइमलाइन के मुताबिक, वे पिछली रात कोलकाता में प्रभा खेतान फाउंडेशन के एक कार्यक्रम में मौजूद थे।

पहले भी उठे सवाल, थरूर ने दिया स्पष्टीकरण

इससे पहले 1 दिसंबर 2025 को भी थरूर कॉन्ग्रेस की रणनीतिक समूह बैठक से गैरहाजिर रहे थे। उस पर उठे सवालों के जवाब में उन्होंने कहा था, “मैंने बैठक नहीं छोड़ी थी, मैं फ्लाइट में था, केरल से आ रहा था।” वे अपनी 90 वर्षीय माँ के साथ यात्रा कर रहे थे, जिसके कारण वे समय पर दिल्ली नहीं पहुँच सके।

इसी बैठक में केसी वेणुगोपाल भी स्थानीय निकाय चुनाव अभियान में व्यस्त होने की वजह से शामिल नहीं हो पाए थे। थरूर की इससे पहले की अनुपस्थिति विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मुद्दे पर हुई बैठक को लेकर भी सवाल उठे थे, जिसे उन्होंने बीमारी की वजह बताते हुए टाला था।

पुतिन भोज में शामिल होना भी बना विवाद का कारण

थरूर तब भी चर्चा में आए जब वे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सम्मान में राष्ट्रपति द्वारा दिए गए राज्य भोज में कॉन्ग्रेस के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में शामिल हुए। कॉन्ग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा था, “जब मेरे नेता आमंत्रित नहीं किए गए और मुझे बुलाया जाता है, तो हमें समझना चाहिए कि खेल कौन खेल रहा है और क्यों इसमें शामिल नहीं होना चाहिए।” लगातार पार्टी बैठकों से उनकी गैरहाजिरी अब कॉन्ग्रेस के अंदर चर्चा का प्रमुख विषय बन चुकी है।