RSS नेता की हत्या में शामिल रहा खतरनाक तस्कर परवेज गिरफ्तार, चुनावों को दहलाने की थी साजिश: दिल्ली पुलिस का मेरठ में बड़ा एक्शन

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े ऑपरेशन में मेरठ से कुख्यात हथियार तस्कर परवेज उर्फ फरु को दबोच लिया है। पुलिस को उसके पास से हथियारों का भारी जखीरा मिला है। शुरुआती पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इन हथियारों का इस्तेमाल आगामी विधानसभा चुनावों में शांति भंग करने के लिए किया जाना था।

गिरफ्तारी के वक्त परवेज के परिवार वालों ने पुलिस का रास्ता रोकने की कोशिश की, लेकिन स्पेशल सेल की टीम ने सूझबूझ से विरोध को बेअसर कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

तड़के सब्जी वाली गली में दी दबिश

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, स्पेशल सेल की टीम पिछले काफी समय से हथियारों की तस्करी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का पीछा कर रही थी। इस गैंग के कई गुर्गे पहले ही पकड़े जा चुके थे, जिनसे परवेज का सुराग मिला। गुरुवार (26 मार्च 2026) तड़के पुलिस ने मेरठ के कोतवाली इलाके की शाहघासा सब्जी वाली गली में घेराबंदी की और परवेज को उसके घर से उठा लिया।

जाँच में पता चला है कि परवेज बड़े पैमाने पर हथियारों की सप्लाई में शामिल था। उसके तार राधना के तस्करों और लिसाड़ी गेट के अरशद से भी जुड़े हैं। ये दोनों मिलकर हथियारों की बड़ी खेप खपाने की तैयारी में थे। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि मेरठ के इस जखीरे को किन-किन इलाकों में भेजा जाना था।

RSS नेता की हत्या से खालिस्तानी कनेक्शन तक

परवेज का अपराधी इतिहास बेहद डरावना है। साल 2017 में लुधियाना में RSS नेता रविंद्र गोसाई की हत्या हुई थी। NIA की जाँच में खुलासा हुआ था कि हत्या में इस्तेमाल हथियार परवेज ने ही मुहैया कराए थे।

इस मामले में वह 4 साल पंजाब की नाभा जेल में भी रहा। जेल से बाहर आते ही उसने फिर से तस्करी शुरू कर दी। पुलिस को शक है कि उसके संबंध खालिस्तानी आतंकियों और 2024 में पकड़े गए तस्कर साकिब से भी रहे हैं।