इंग्लैंड के ब्लैकपूल में एक ऐसा मामला सामने आय़ा है जिसे सुनकर रूह काँप जाती है। दो गे पार्टनर, 37 साल के जैमी वर्ली और 32 साल के जॉन मैकगोवन-फ़ज़ाकरली ने मिलकर छोटे से प्रेस्टन डेवी को गोद लिया। और सिर्फ चार महीने की देखरेख के बाद 13 महीने के मासूम की मौत हो गई। 15 जून 2026 को मासूम की हत्या में जैमी वर्ली को दोषी करार दिया गया।
पहले माँ से छीना, फिर दरिंदों को सौंप दिया
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रेस्टन की माँ सारा डेवी की खुद एक दर्दनाक कहानी हैं। जब वो सिर्फ 14 साल की थी, एक बुजुर्ग की हत्या के जुर्म में उन्हें जेल हुई। उसके बाद से वो बार-बार जे आती -जाती रहीं। जब प्रेस्टन पैदा हुआ तो सरकार ने पैदाइश के सिर्फ 5 दिन बाद बच्चे को माँ से अलग कर दिया। लेकिन जिन लोगों को ये बच्चा सौंपा गया, वो उससे भी ज्याद खतरनाक निकले।
ओल्डहम काउंसिल ने जेमी और जॉन को बच्चे के अडॉप्शन के लिए अप्रूव किया। अप्रैल 2023 में 9 महीने का प्रेस्टन उनके घर पहुँचा। बस यहीं से उसकी तकलीफ शुरू हुई।
13 महीने के मासूम के शरीर पर 40 चोटें, हुआ यौन शोषण
जो 4 महीने प्रेस्टन उस घर में रहा, हर दिन उस पर जुल्म हुआ। उसके छोटे से शरीर पर 40 से ज्यादा चोटों के निशान मिले। मुँह पर, गले पर, आंतों पर, प्राइवेट पार्ट्स पर, हर जगह निशान मिले। बाएँ हाथ की हड्डी टूटी थी जो डॉक्टरों ने बताया कि जानबूझकर तोड़ी गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आकलन में सामने आया कि उसके साथ बार-बार यौन शोषण किया गया और उसकी अश्लील तस्वीरें औऱ वीडियो भी बनाए गए।
दरअसल, यह मामला 27 जुलाई 2023 का है, जब प्रेस्टन को ब्लैकपूल विक्टोरिया हॉस्पिटल ले जाया गया। जेमी ने बताया कि नहाते वक्त प्रेस्टन का एक्सीडेंट हुआ है। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद कोर्ट तक पहुँचे इस मामले में डॉक्टरों और अभियोजन पक्ष ने साबित कर दिया कि उस मासूम की सांस जानबूझकर रोकी गई थी।
कोर्ट की कार्रवाई
कोर्ट में 8 हफ्ते का ट्रायल चला। ज्यूरी ने 14 घंटे सोचा और फिर एक-एक करके 29 गलतियों का फैसला सुनाया। जब फैसला पढ़ा जा रहा था तब जेमी के हाथ उसके मुँह पर थे और उसे उल्टी आ गई। प्रेस्टन की माँ और नानी पूरे वक्त रोती रहीं। जॉन को भी बच्चे की मौत को रोकने में नाकाम रहने और यौन शोषण का दोषी माना गया।
अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में जो कहा वो सबसे ज़रूरी है, “जिन लोगों को इस बच्चे से प्यार करना था, उन्होंने ही उसे तबाह किया। कोई बच्चा ऐसा नहीं झेलना चाहिए जो प्रेस्टन ने अपनी 13 महीने की ज़िंदगी में झेला।”

