विदेशी फंडिंग के लिए मुस्लिम युवतियों की आपत्तिजनक वीडियो वायरल करते थे फिरोज-कासिम, हिंदुओं को बदनाम करने के लिए ‘भगवा लव ट्रैप’ नाम से बनाई थी ID: मेरठ पुलिस ने दबोचा

उत्तर प्रदेश के मेरठ में पुलिस ने एक बड़े साइबर क्राइम का खुलासा किया है। पुलिस ने दो आरोपितों फिरोज और कासिम को गिरफ्तार किया है। ये दोनों हिंदू लड़कों के साथ मुस्लिम लड़कियों के नाम जोड़कर नकली फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करते थे। उनका मकसद इलाके में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ना था।

कैसे करते थे यह काम?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपितों ने बताया कि वे भीड़-भाड़ वाली जगहों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटी के पास मुस्लिम छात्राओं के फोटो-वीडियो चुपके से बनाते थे। फिर वे इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर ‘लव ट्रैप’ का झूठा एंगल देकर वायरल कर देते थे।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि वे फॉलोअर्स बढ़ाने और विदेशी फंडिंग पाने के इरादे से ऐसा कर रहे थे। वे इन झूठे वीडियो को इस्लामिक ग्रुप्स में डालते थे, ताकि लोग उन्हें ज्यादा शेयर करें।

छात्रा की शिकायत से खुला राज

इस मामले का खुलासा तब हुआ जब चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी की एक मुस्लिम छात्रा ने मई 2025 में मेडिकल थाना में शिकायत दर्ज कराई। छात्रा ने बताया कि 28 अप्रैल 2025 को क्लास के बाद दो लड़कों ने उसकी फोटो खींच ली थी। अगले ही दिन उसकी फोटो को एक व्हाट्सएप ग्रुप में ‘लव ट्रैप’ का झूठा मैसेज देकर वायरल कर दिया गया। इससे वह बहुत परेशान हो गई थी।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने सबसे पहले अलीगढ़ निवासी फिरोज को बिहार से गिरफ्तार किया। फिरोज से पूछताछ के आधार पर कासिम को लोहियानगर, मेरठ से पकड़ा गया। फिरोज के मोबाइल से चार और मुस्लिम छात्राओं के वीडियो बरामद हुए हैं। दोनों के मोबाइल को फॉरेंसिक जाँच के लिए भेजा गया है। गिरफ्तार करने के बाद दोनों आरोपितों को कोर्ट के सामने पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया है।