पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से आखिरकार मंगलवार (2 दिसंबर 2025) को उनकी बहन डॉ. उजमा खान की मुलाकात हो गई। रावलपिंडी के अदियाला जेल में हुई इस 20-35 मिनट की मीटिंग ने हफ्तों से चल रही मौत की अफवाहों और स्वास्थ्य चिंताओं पर विराम लगा दिया।
उजमा ने बाहर आकर मीडिया से कहा, “इमरान बिल्कुल फिट और हेल्दी हैं, लेकिन उन्हें सोलिटरी कंफाइनमेंट (तन्हाई सेल) में अकेले रखा गया है। उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।” इमरान खान ने कथित तौर पर कहा कि इसके लिए आर्मी चीफ आसिम मुनिर जिम्मेदार हैं और वो गुस्से में हैं।
#BREAKING: Imran Khan says he is being tortured inside Adiala Jail prison on instructions of Pakistan Army Chief Asim Munir. Imran Khan in solitary confinement in Pakistani prison with no access to outside world. Imran Khan sisters speak to media after meeting him. pic.twitter.com/mGosf6Fubs
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) December 2, 2025
बता दें कि पिछले एक महीने से परिवार को मिलने की इजाजत न मिलने से सोशल मीडिया पर अटकलें तेज हो गई थीं। कई ने यहाँ तक पूछा कि क्या इमरान जिंदा हैं? मंगलवार को पीटीआई समर्थकों ने इस्लामाबाद हाई कोर्ट और जेल के बाहर जोरदार प्रोटेस्ट किए। सरकार ने दबाव में झुकते हुए उजमा को इजाजत दी। उजमा अपनी बहनों नूरीन नियाज़ी और अलीमा खान के साथ गोरखपुर चेकपॉइंट पर पहुँचीं, जहाँ वकील सलमान अकरम राजा और सैकड़ों समर्थक साथ थे।
मुलाकात के दौरान सख्त सिक्योरिटी थी। रावलपिंडी और इस्लामाबाद में सेक्शन 144 लागू कर दिया गया। आठ थानों के एसएचओ और सीनियर अफसर जेल के बाहर तैनात रहे। अदियाला रोड को 8 किलोमीटर तक सील किया गया, स्कूल-कॉलेज बंद रहे, और लोगों को आईडी चेक कर ही आने दिया गया। जेल प्रशासन ने दावा किया कि इमरान की सेहत अच्छी है।

