पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) प्रमुख इमरान खान की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर जमकर दावे किए जा रहे हैं। उनके समर्थक सोशल मीडिया पर दावा कर रहे हैं कि पूर्व PM की रावलपिंडी के आडियाला जेल में हत्या कर दी गई है। यह दावा यूँ ही नहीं है, दरअसल जेल में बंद इमरान खान की कई दिनों से कोई खबर सामने नहीं आई है।
इसके बाद से उनकी मौत को लेकर खबर सोशल मीडिया पर फैल रही है। सैकड़ों अकाउंट इस दावे को शेयर करने कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर #RIPImranKhan, #WhereIsImranKhan और #FreeImranKhan जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे हैं। जब इमरान की कोई खोज खबर नहीं मिली तो जेल के बाहर PTI समर्थक प्रदर्शन करने भी पहुँच गए और उनके साथ पाकिस्तान की पुलिस ने बदसलूकी भी की है।
ये प्रदर्शनकारी केवल इमरान के समर्थक नहीं हैं बल्कि उनके परिवार के लोग भी इनमें शामिल थे। इनमें इमरान की बहनें भी शामिल थी। इमरान की बहन नोरीन खान से बदसलूकी की गई और उन्हें पकड़कर सड़क पर घसीटा गया। नोरीन के साथ मारपीट भी की गई है।
परिवार की चिंता और प्रशासन पर गंभीर सवाल
इमरान खान की बहनों अलीमा खान और नोरीन खान का कहना है कि उन्हें बीते तीन हफ्तों से इमरान से मिलने नहीं दिया गया है। उनका आरोप है कि जेल प्रशासन कोर्ट के आदेश के बावजूद मुलाकात नहीं करा रहा। इस वजह से परिवार की चिंता और शक दोनों बढ़ रहे हैं।
अलीमा खान ने मीडिया से कहा, “अगर वह ठीक हैं तो मुलाकात से डर कैसा? एक तस्वीर या वीडियो ही साबित कर देगी कि वह जिंदा और सुरक्षित हैं।”
भारतीय मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में नोरीन ने कहा, “इमरान खान को कोई छू नहीं सकता। अगर इमरान को कुछ हुआ तो पाकिस्तान जल उठेगा।” उन्होंने खुलकर पाकिस्तान के फौज प्रमुख जनरल असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इमरान खान के साथ कुछ भी गलत हुआ तो उसी सरकार को इसका जवाब देना होगा।
नोरीन ने बताया कि परिवार को महीनों से इमरान खान से मिलने नहीं दिया गया है, इसलिए उनकी मौजूदा स्थिति की कोई जानकारी नहीं है।
बहन-बेटे ने फौज पर लगाए गंभीर आरोप
नोरीन ने आरोप लगाया कि इमरान खान पाकिस्तान को बाहरी शक्तियों को बेचने का विरोध कर रहे थे, इसलिए सरकार और फौज उन्हें चुप कराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, “असीम मुनीर और शाहबाज शरीफ ने पाकिस्तान को बेच दिया है।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि उनका परिवार पाकिस्तान में सुरक्षित नहीं है, उनके बेटे को बिना मुकदमे के सैन्य हिरासत में रखा गया है और किसी भी समय उन्हें या उनकी फैमिली को निशाना बनाया जा सकता है। इसके बावजूद उन्होंने देश छोड़ने से इनकार किया और कहा कि वे पाकिस्तान की जनता के अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखेंगी।
नोरीन का कहना है कि अगर हालात और खराब हुए तो पाकिस्तान की जनता सड़क पर उतर जाएगी और हालात सँभल नहीं पाएँगे। इमरान खान की दूसरी बहन अलीमा खान ने भी सरकार और फौज को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इमरान खान को नुकसान पहुँचा, तो कोई नहीं बचेगा।
इमरान खान के बेटे कासिम खान ने बताया ़कि उनके अब्बू को कई हफ्तों से पूरी तरह अकेले एक ‘डेथ सेल’ में रखा गया है। उन्होंने कहा कि परिवार या वकील किसी को भी उनसे मिलने या बात करने की अनुमति नहीं दी जा रही।
कासिम ने कहा, “यह अँधेरा किसी सुरक्षा प्रोटोकॉल का हिस्सा नहीं है। अगर मेरे पिता को कुछ हुआ तो पाकिस्तानी सरकार और उसके पीछे मौजूद ताकतें इसकी कानूनी और नैतिक जिम्मेदार होंगी।”
पाकिस्तानी सरकार बता रही इमरान सुरक्षित, सवाल फिर भी हैं
सरकार और जेल प्रशासन ने इन रिपोर्टों को फर्जी बताते हुए कहा है कि इमरान खान जिंदा हैं और जेल में सुरक्षित हैं। प्रशासन ने कहा कि यह सोशल मीडिया आधारित राजनीतिक दुष्प्रचार है, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान को अस्थिर करना है।
हालाँकि, आलोचकों का तर्क है कि यदि सरकार वाकई सच बोल रही है, तो मीडिया, परिवार या किसी मानवाधिकार संस्था को उनसे मिलने की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही? यही सवाल सरकार की विश्वसनीयता पर बड़ा दबाव बना रहा है।
बहनों ने दिया भारतीय मीडिया को इंटरव्यू, भड़के पाकिस्तानी सूचना मंत्री
इसी बीच पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने इमरान खान की बहनों को भारतीय मीडिया को इंटरव्यू देने पर निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि भारतीय चैनलों पर जाकर पाकिस्तान को बदनाम करना शर्मनाक है।
तरार ने आरोप लगाया कि ये बहनें 9 मई की हिंसा के दौरान कोर कमांडर हाउस में भी मौजूद थीं और यह बात कैमरों में साफ दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि यह पूरा ड्रामा मौजूदा सरकार की विदेशी नीति और आर्थिक सुधारों को खराब दिखाने की कोशिश है।
उन्होंने बहनों की कार्रवाई को ‘शर्म से मर जाने वाली बात’ बताया। उन्होंने कहा, “जो लोग भारतीय चैनलों पर जाकर पाकिस्तान को बदनाम करते हैं, उन्हें शर्म से मर जाना चाहिए।”
PTI समर्थकों का गुस्सा: सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी सरकार और असीम मुनीर पर आरोप
परिवार और सरकार से इतर समर्थकों का एक वर्ग इमरान को ना देखने से निराश है और वो सोशल मीडिया पर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहा है। एक पाकिस्तानी यूजर ने एक्स पर लिखा, “पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जेल में टॉर्चर के बाद मार दिया गया। बलूचिस्तान के विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और असीम मुनीर ने इस साजिश को अंजाम दिया।”
Former #Pakistan prime minister #ImranKhan kill@d in prison after being tortured. The #Balochistan Ministry of Foreign Affairs has alleged that Pakistan’s intelligence agency #ISI and #AsimMuni carried out the plot. #نومبر26_نہیں_بھولیں_گے#1YearOf26NovMassacre#گولی_کیوں_چلائی pic.twitter.com/MhNi1CzY9t
— Shahlyla Aroos (@ShahlylaAroos) November 27, 2025
इसी तरह एक अन्य ने लिखा, “RIP इमरान खान, आसिफ मुनीर ने उसे मार डाला और उसके भविष्य का रास्ता साफ कर दिया।, कल सुबह रावलपिंडी जलेगा, अब देखो PTI इमरान खान की मौत का बदला कैसे लेती है, मेरी बात याद रखना।”
RIP Imran Khan
— Sombir Singh (@SombirSinghjat1) November 26, 2025
Asif Munir killed him and make his future way clear .
Rawalpindi burn tomorrow morning
Now see How PTI revange Imran Khan death
Mark my words
planetary war started tomorrow morning because of Asif Munir #ImranKhan #imrankhanPTI pic.twitter.com/Zz5wBnOi80
पाकिस्तान की राजनीति में उथल-पुथल
इमरान खान पहले से ही पाकिस्तानी फौज, मौजूदा सरकार और न्याय प्रणाली पर सवाल उठाते रहे हैं। उनके समर्थकों का दावा है कि सरकार और फौज इमरान खान को राजनीतिक रूप से समाप्त करना चाहती है। वहीं सरकार का कहना है कि इमरान पर गंभीर भ्रष्टाचार, राजद्रोह और राष्ट्रीय सुरक्षा उल्लंघनों के आरोप हैं।
मौजूदा हालात में सवाल यह है कि क्या यह मामला राजनीतिक प्रतिशोध की हद पार कर चुका है? अब तक इमरान खान की मौत की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन यह भी सच है कि परिवार या वकीलों की इमरान खान से मुलाकात न होना, तस्वीर या मेडिकल रिपोर्ट न मिलना और सरकार का कठोर रुख स्थिति को और संदिग्ध बना रहा है।

