भारत में दिल की बीमारी से हो रहीं 32% मौतें, हर 3 दिन में जा रही जान: हाई ब्लड प्रेशर का खतरा भी बढ़ा, पढ़ें- एक्सपर्ट ने दी क्या चेतावनी

भारत में हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप एक बहुत बड़ा स्वास्थ्य संकट बन गया है। देश का हर पाँचवाँ वयस्क (Adult) आज इस गंभीर बीमारी से पीड़ित है। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, 15 साल से अधिक उम्र के करीब 24 फीसदी पुरुष और 21 फीसदी महिलाएँ इसकी चपेट में हैं। सबसे चिंता की बात यह है कि देश में 30 करोड़ से ज्यादा लोग इस बीमारी से जूझ रहे हैं, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों को पता ही नहीं है कि उन्हें यह बीमारी है।

शहरों और गाँवों में बढ़ रहा खतरा

यह बीमारी अब केवल शहरों तक सीमित नहीं है। शहरी इलाकों में हर तीसरा और ग्रामीण क्षेत्रों में हर चौथा व्यक्ति इससे प्रभावित है। भारत में हर साल करीब 16 लाख लोगों की मौत हाई BP की वजह से होती है। डॉक्टरों के अनुसार, यह बीमारी बिना किसी लक्षण के धीरे-धीरे शरीर को अंदर से खोखला करती है। 40 साल से अधिक उम्र के पुरुषों में इसका खतरा सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। खराब जीवनशैली, तनाव, जंक फूड और मोटापे के कारण यह संकट और गहरा गया है।

जागरूकता और इलाज की भारी कमी

देश में इस बीमारी को लेकर जागरूकता बहुत कम है। पीड़ितों में से केवल एक-तिहाई लोगों को ही अपनी बीमारी का पता चल पाता है। पाँच में से केवल एक मरीज ही इसका नियमित इलाज कराता है। वहीं, 12 में से सिर्फ एक व्यक्ति का ब्लड प्रेशर नियंत्रण में रह पाता है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर लोगों का बीपी औसतन सिर्फ दो अंक भी कम हो जाए, तो देश में हर साल लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है।

दिल की बीमारी बनी मौत का सबसे बड़ा कारण

हाई BP के कारण दिल की बीमारियों का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सबसे ज्यादा 32.1 फीसदी मौतें हृदय रोगों की वजह से हो रही हैं। उत्तर भारत में तो यह आँकड़ा 35 फीसदी के भी पार पहुँच चुका है। धूम्रपान, शराब का सेवन, मानसिक तनाव और व्यायाम की कमी इसके मुख्य कारण हैं। अब गाँवों में भी कम उम्र के युवाओं में ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।