पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और पुरुलिया में रामनवमी पर शुक्रवार (27 मार्च 2026) को हिंदुओं पर हमला हुआ। इस हमले के वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आए। कुछ हिंदूवादी कार्यकर्ताओं ने भी सोशल मीडिया पर इस हमले का विरोध किया।
लेकिन बंगाल पुलिस ने इन हिंदूवादी कार्यकर्ताओं की आवाज दबाने के लिए इन पर FIR दर्ज कर दी है। एक्स हैंडल ‘बीफिटिंग फैक्ट्स’ और ‘सौरिश मुखर्जी’ के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है और संबंधित वीडियो को डिलीट करने के निर्देश दिए हैं।
Booked again—for speaking up against the targeting of Hindus during Ram Navami in Murshidabad…
— Sourish Mukherjee (@me_sourish_) March 29, 2026
This is the price of refusing to stay silent.
Cases don’t intimidate me. They expose the system.
The fight for Hindutva doesn’t pause for FIRs—and it certainly doesn’t end because… https://t.co/i2RBba8tY0 pic.twitter.com/MRJYz6BwZ6
यह FIR कोलकाता के साइबर पुलिस थाने में दर्ज की गई है। दोनों एक्स हैंडल के खिलाफ BNS की धारा 353(2) (सार्वजनिक उपद्रव को बढ़ावा देने वाले बयान), धारा 353(1)(ब) ( झूठी और भयावह खबरों का प्रसार) और धारा 196(1) के तहत कार्रवाई की गई है।
मुर्शिदाबाद में राम नवरी पर हिंदुओं पर फेंके गए पत्थर
दरअसल, 27 मार्च 2026 को राम नवमी पर मुर्शिदाबाद में शोभायात्रा पर हमला किया। उपद्रवियों ने ईंट और पत्थरों से शोभायात्रा पर हमला बोला। आरोप है कि यह हमला सुनियोजित था और शोभायात्रा के आगे बढ़ने पर दोबारा पत्थर फेंके गए। ठीक ऐसी ही हिंसक तस्वीरें पुरुलिया के पारा इलाके से भी सामने आईं, जहाँ शांतिपूर्वक निकल रही रैली को दंगाइयों ने निशाना बनाया।
इसी को लेकर हिंदूवादी कार्यकर्ता सौरिश मुखर्जी ने एक्स पर हमले की वीडियो पोस्ट कर लिखा, “पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद से भीषण हिंसा की खबरें आ रही हैं। राम नवमी के जुलूस पर कथित तौर पर फिर से हमला हुआ। 70% से अधिक मुस्लिम आबादी वाले इस जिले में बार-बार होने वाले तनाव गंभीर सवाल खड़े करते हैं। जवाबदेही कहाँ है? कानून व्यवस्था कहाँ है?”

