‘तुझे दफना दिया जाएगा’: महाराष्ट्र में मौलाना ने ‘I Love Mohammad’ के कार्यक्रम में CM योगी को दी धमकी, अपशब्दों का किया इस्तेमाल; जाँच में जुटी पुलिस

महाराष्ट्र के बीड जिले में एक मजहबी कार्यक्रम के दौरान एक मौलाना ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुलेआम दफनाने की धमकी दी है। यह कार्यक्रम ‘I Love Mohammad’ को लेकर देशभर में जारी विवाद से जुड़ा था। पुलिस ने इस मामले की गंभीरता से जाँच शुरू कर दी है।

‘आई लव मोहम्मद’ का यह कार्यक्रम मजलगाँव स्थित मुस्तफा मस्जिद के सामने आयोजित किया गया था। जहाँ मंच पर मौजूद एक मौलाना और कुछ लोगों ने सीएम योगी को अपशब्द कहते हुए चुनौती दी और कहा कि अगर योगी यहाँ आए तो वह उन्हें ‘दफना देगा’। अब इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है

क्या है पूरा मामला?

वायरल वीडियो में दिख रहा है कि मंच से एक मौलाना ने योगी आदित्यनाथ का नाम लेकर उनकी नीतियों पर हमला बोला और उनके लिए अपशब्दों का इस्तेमाल भी किया है। इस दौरान भीड़ में मौजूद लोग मौलाना की बात पर ताली बजाकर उसका समर्थन करते नजर आए हैं। इस मौलाना की पहचान अशफाक निसार शेख के रूप में हुई है। 

वीडियो वायरल होने के बाद आयोजकों से पूछताछ की जा रही है और सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करने वालों को ट्रैक किया जा रहा है। बीड पुलिस अधीक्षक ने कहा कि वे धमकी देने वालों की पहचान कर रहे हैं और कानून के मुताबिक कार्रवाई करेंगे, साथ ही जल्द FIR दर्ज की जाएगी।

उत्तर प्रदेश के कानपुर में इस महीने की शुरुआत में ‘I Love Mohammad’ के बोर्ड को लेकर हंगामा हुआ था। इसके बाद यूपी समेत कई राज्यों में इसे लेकर हिंसा हुई जिसे लेकर मौलाना योगी सरकार की कार्रवाई से नाराज था।

बीजेपी-शिवसेना ने की मौलाना की गिरफ्तारी की माँग

बीजेपी विधायक अतुल भातखलकर ने मौलाना की गिरफ्तारी की माँग की है। उन्होंने कहा, “उससे मौलाना से मैं कहना चाहता हूं कि सीएम योगी को छोड़िए, एक सामान्य हिंदू को भी हाथ लगाकर दिखा दो।”

वहीं, शिवसेना (शिंदे गुट) के प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने भी मौलाना की गिरफ्तारी की माँग की है। हेगड़े ने कहा कि बीजेपी और महायुति के लोग मौलाना को सबक सिखा देंगे। स्थानीय प्रशासन ने भी शांति बहाल करने, विरोध और जवाबी कार्रवाई को रोकने तथा मामले की निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं।

यह पहली बार नहीं है जब योगी आदित्यनाथ को धमकी मिली हो, हाल ही में मुंबई में एक महिला को भी गिरफ्तार किया गया था जिसने सीएम योगी को लेकर आपत्तिजनक बयान दिए थे। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि धार्मिक रूप से संवेदनशील कार्यक्रमों और सोशल मीडिया पोस्ट पर निगरानी और समुचित कार्रवाई कितनी जरूरी है।