ब्याज मुक्त एजुकेशन लोन, 3 गुना स्कॉलरशिप और 1000 ITI का कायाकल्प: PM मोदी की युवाओं को ₹62,000 करोड़ की सौगात, बिहार के 5 लाख ग्रेजुएट्स को मिलेगा मासिक भत्ता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (4 अक्टूबर 2025) को वर्चुअल माध्यम से देश के युवाओं के लिए ₹62,000 करोड़ से अधिक की लागत वाली कई युवा-केंद्रित पहलों का अनावरण और शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘पीएम-सेतु’ योजना का लॉन्च रहा, जिसके तहत देश भर के 1,000 से अधिक ITI संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कौशल विकास को भारत की प्राथमिकता बताया और बिहार के युवाओं के लिए नई शिक्षा सुविधाओं की आधारशिला भी रखी। इस पहल के माध्यम से सरकार श्रम और हुनर को सम्मान देते हुए युवाओं को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार कर रही है।

ITI छात्रों को शुभकामनाएँ और महत्त्व

पीएम मोदी ने ITI छात्रों के लिए दीक्षांत समारोहों की परंपरा का उल्लेख किया और इसमें शामिल सभी युवा छात्रों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने कुछ साल पहले ITI छात्रों के लिए दीक्षांत समारोह आयोजित करने की एक महत्वपूर्ण परंपरा शुरू की थी। आज हम इसी गौरवशाली परंपरा के एक और अध्याय के साक्षी बन रहे हैं।”

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि आज का यह समारोह इस बात का प्रतीक है कि आज का भारत कौशल विकास को कितनी प्राथमिकता देता है। पीएम मोदी ने बताया कि इसी दिशा में देश भर के युवाओं के लिए शिक्षा और कौशल विकास की दो और बड़ी योजनाएँ लॉन्च की गई हैं।

हुनर और मेहनत को सम्मान देने पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि दीक्षांत समारोहों का आयोजन केवल औपचारिक नहीं है, बल्कि यह श्रम और हुनर को सार्वजनिक जीवन में सम्मान देने का एक तरीका है। पीएम मोदी का मानना था कि जब तक हम श्रम (मेहनत) को प्रतिष्ठा नहीं देंगे और हुनरमंद लोगों का सम्मान नहीं करेंगे, तब तक वे खुद को कम महसूस कर सकते हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत ज्ञान और कौशल का देश है और यही बौद्धिक शक्ति हमारी सबसे बड़ी ताकत है। जब यह ज्ञान और कौशल राष्ट्र की जरूरतों के अनुरूप काम करते हैं, तो उनका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।

बिहार के युवाओं को मिली प्राथमिकता

प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम को बिहार के युवाओं के सशक्तिकरण के लिए एक बड़ा अवसर बताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन दर्शाता है कि NDA सरकार बिहार के युवा लड़के-लड़कियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। पीएम मोदी ने ITI और औद्योगिक शिक्षा संस्थानों को न केवल आत्मनिर्भर भारत के बेहतरीन संस्थान बताया, बल्कि उन्हें एक तरह से आत्मनिर्भर भारत की वर्कशॉप भी कहा, जो देश के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं।

PM-SETU योजना: विश्व की स्किल डिमांड से जुड़ाव

प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी की जरूरतों को पूरा करने के लिए ‘पीएम-सेतु’ योजना को लॉन्च किया। पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी की माँग है कि हम देश की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्थानीय टैलेंट, स्थानीय संसाधन और स्थानीय ज्ञान को तेज़ी से आगे बढ़ाएँ, और हमारे हज़ारों ITI इसमें बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

इसी उद्देश्य के साथ PM-SETU योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना से देशभर के 1,000 से ज्यादा ITI संस्थानों को लाभ मिलेगा और उन्हें अपग्रेड किया जाएगा, जिससे वे दुनिया की कौशल मांग के अनुरूप युवाओं को तैयार कर सकें।

पीएम मोदी ने बताया कि भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर जी ने अपना पूरा जीवन समाज की सेवा और शिक्षा के विस्तार में लगाया। और उनके नाम पर बनने वाली skill university, उसी सपने को आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम बनेगी।