राजस्थान के टोंक में शुक्रवार (6 मार्च 2026) की देर रात मुस्लिम भीड़ की ओर से हुई पत्थरबाजी के बाद अब हालात पूरी तरह शांत बताए जा रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की मुस्तैदी के चलते स्थिति नियंत्रण में है और संवेदनशील इलाकों में लगातार फ्लैग मार्च किया जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में अब तक आधा दर्जन से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
घटना शुक्रवार (6 मार्च 2026) की देर रात पुरानी टोंक थाना क्षेत्र के देशवाली मोहल्ले में हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तरावीह की नमाज के बाद लौट रहे कुछ लोगों की वाल्मीकि बस्ती के निवासियों से कहासुनी हो गई, जिसके बाद विवाद बढ़ गया और अचानक वाल्मीकि बस्ती पर जमकर पत्थरबाजी शुरू हो गई।
इस पथराव में कई लोगों को चोटें आईं और इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को सँभालते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया। टोंक एडिशनल एसपी रतन लाल भार्गव ने बताया कि अब तक कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है और बाकी आरोपितों की तलाश जारी है।
वाल्मीकि समाज ने फैसला लिया है कि जिस मोहल्ले से पथराव किया गया, वहाँ अब वाल्मीकि समाज का कोई भी व्यक्ति चाहे वह सरकारी कर्मचारी हो या निजी तौर पर सफाई का काम करता हो, सफाई कार्य नहीं करेगा। गौरतलब है कि पुरानी टोंक थाना क्षेत्र में बीते चार दिनों के भीतर यह पथराव की दूसरी बड़ी घटना है।

