कोलकाता के बाद अब रांची में निशाने पर ED, पुलिस ने की छापेमारी: अधिकारियों पर मारपीट के आरोप, BJP बोली- बदले की भावना से काम कर रही हेमंत सरकार

झारखंड की राजधानी रांची में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के क्षेत्रीय कार्यालय पर एयरपोर्ट थाना पुलिस की कार्रवाई ने सियासी और प्रशासनिक माहौल गरम कर दिया है। यह कदम एक स्थानीय व्यक्ति की शिकायत के बाद उठाया गया, जिसमें ED अधिकारियों पर पूछताछ के दौरान मारपीट और दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।

शिकायत के बाद जाँच, सबूत जुटाने में जुटी पुलिस

एयरपोर्ट थाना पुलिस के अनुसार, संतोष कुमार नामक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 12 जनवरी 2026 को ED कार्यालय में पूछताछ के दौरान अधिकारी प्रतीक और शुभम ने उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की और उन पर जबरन अपराध स्वीकार करने का दबाव बनाया। शिकायत के अनुसार, इस मारपीट में उनका सिर भी फूट गया।

शिकायत के आधार पर पुलिस की टीम ED दफ्तर पहुँची और वहाँ उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जाँच शुरू की। पुलिस का कहना है कि जाँच का उद्देश्य केवल यह पता लगाना है कि पूछताछ की प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता या कानून का उल्लंघन हुआ या नहीं।

वहीं दूसरी तरफ आरोप लगाए जा रहे हैं कि जाँच एजेंसी के कामकाज में इस तरह दखल देकर रुकावट पैदा करने की कोशिश करना सुनियोजित साजिश है।

हेमंत सोरेन की सरकार पर आरोप

इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ भी तेज हो गई हैं। झारखंड भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि ED एक संवैधानिक जाँच एजेंसी है और उसके कामकाज में हस्तक्षेप के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

प्रतुल ने कहा है कि ED के मामले में ही हेमंत सोरेन खुद जेल जा चुके हैं और उनके कई मंत्री और विधायकों पर भी मनी लांड्रिंग के गंभीर आरोप हैं। गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब पश्चिम बंगाल में भी ED से जुड़े I-PAC विवाद को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच कानूनी खींचतान चल रही है।