स्वीडन में अपनी बीवी को 120 से ज्यादा आदमी के साथ सेक्स करने के लिए मजबूर करने वाले शख्स को कोर्ट ने केवल 4 वर्ष और 5 महीने की जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने पाया कि आरोपित ने अपनी पत्नी को कंट्रोल करने के लिए धमकियों, ड्रग्स और अकेलेपन का इस्तेमाल किया और उसके इस दावे को खारिज कर दिया कि ये आपसी सहमति से किया गया था।
पीड़ित से सेक्सुअल सर्विस ‘खरीदने’ के लिए 28 आदमियों को भी दोषी ठहराया गया है। स्वीडन के पूर्वी तट पर हार्नोसैंड में इस मामले की सुनवाई हुई और कोर्ट ने मंगलवार (16 जून 2026) को इस मामले में फैसला दिया। कोर्ट ने शख्स को कई अपराधों का दोषी पाया जिसमें रेप की कोशिश, गंभीर दलाली, हमला और गैर-कानूनी धमकियाँ शामिल हैं।
कई वर्षों तक चला शोषण
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह शोषण वर्ष 2022 में स्वीडन के क्रामफोर्स स्थित दंपति के एक सुनसान फार्महाउस में शुरू हुआ था। वहाँ स्वीडन के अलग-अलग हिस्सों से पुरुष पैसे देकर महिला से मिलने आते थे। यह सिलसिला अक्टूबर 2025 तक चलता रहा जिसके बाद महिला पुलिस से संपर्क करने में सफल हुई।
अदालत में बताया गया कि आरोपी ने घर के अंदर सुरक्षा कैमरे लगा रखे थे और कई बार यौन संबंधों की रिकॉर्डिंग भी की जाती थी। अभियोजकों का कहना है कि आरोपित महिला को ड्रग्स भी देता था और उनके घर की दूर-दराज की स्थिति तथा महिला के सीमित संपर्कों का फायदा उठाकर उसे अपने नियंत्रण में रखता था।
उस पर महिला को जान से मारने, पेट्रोल डालकर जला देने और उसकी उंगलियाँ काट देने जैसी धमकियाँ देने का भी आरोप था। स्वीडिश ब्रॉडकास्टर SVT की रिपोर्ट के अनुसार, महिला ने आखिरकार घर के उस हिस्से से बाहर निकल गई, जहाँ कैमरे नहीं लगे थे। इसके बाद उसने पुलिस को फोन किया।
मुकदमे के दौरान आरोपित ने सभी आरोपों से इनकार किया और दावा किया कि उसने केवल आपसी सहमति से होने वाली मुलाकातों की व्यवस्था की थी। हालाँकि, अदालत ने उसकी दलील खारिज कर दी और कहा कि उसने अपनी पत्नी का ‘निर्दयी तरीके से शोषण’ किया।
जज ने कहा कि आरोपित ने महिला पर यौन संबंध बनाने, उन्हें ऑनलाइन स्ट्रीम करने, अतिरिक्त ग्राहकों से मिलने और यहाँ तक कि पड़ोसियों तथा ग्राहकों को भी उसके साथ संबंध बनाने के लिए तैयार करने का दबाव डाला। अदालत ने माना कि पूरे नेटवर्क का संचालन मुख्य रूप से वही करता था और महिला की ‘यौन सेवाएँ’ बेचने की शुरुआत भी उसी ने की थी।
29 लोगों पर तय किए गए आरोप
हालाँकि, अदालत ने बलात्कार के आठ आरोप खारिज कर दिए क्योंकि उन मामलों में यह साबित नहीं हो सका कि महिला की भागीदारी पूरी तरह उसकी इच्छा के खिलाफ थी। एक अन्य आरोप भी इसलिए हटाया गया क्योंकि जाँचकर्ता यह तय नहीं कर सके कि वास्तव में कौन-से यौन कृत्य हुए थे। इसके बावजूद आरोपित को बलात्कार के प्रयास के एक मामले में दोषी ठहराया गया।
उसे महिला को 200,000 क्रोनर (करीब 20 लाख रुपए) हर्जाने के तौर पर देने का भी आदेश दिया गया। दोनों लोगों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। जाँच के दौरान स्वीडिश अधिकारियों ने लगभग 120 ऐसे पुरुषों की पहचान की जिन्होंने आरोपी द्वारा उपलब्ध कराई गई यौन सेवाओं का इस्तेमाल किया था। हालाँकि इनमें से केवल 29 लोगों पर आरोप तय किए गए।
इन 29 में से 28 लोगों को कुल 56 बार यौन सेवाएँ खरीदने का दोषी पाया गया। अधिकांश आरोपिlax ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि या तो उन्होंने महिला के साथ यौन संबंध नहीं बनाए या फिर इसके लिए भुगतान नहीं किया था। लेकिन अदालत ने उपलब्ध सबूतों को पर्याप्त मानते हुए उन्हें दोषी करार दिया। इनमें से दो लोगों को जेल की सजा सुनाई गई जबकि अन्य को निलंबित सजा या प्रोबेशन पर छोड़ा गया।
इस मामले की तुलना कुछ जानकारों ने फ्रांस के चर्चित डोमिनिक पेलिकोट (Dominique Pelicot) मामले से की है। उस मामले में डोमिनिक पेलिकोट को अपनी पूर्व पत्नी गिजेल पेलिकोट (Gisele Pelicot) को नशीला पदार्थ देकर बेहोश करने और नौ वर्षों तक अन्य पुरुषों से उसका बलात्कार कराने का दोषी ठहराया गया था।

