‘तरुण को मारने के इंतजार में थी इस्लामी भीड़, घर आते ही सरिया-रॉड लेकर सब टूटे’: ऑपइंडिया से बोले पड़ोसी- हम मदद न कर पाएँ इसलिए हमारे दरवाजे कर दिए थे बंद

दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दिन तरुण की हत्या के बाद से जहाँ घरवालों का रो-रोकर बुला हाल है, तो वहीं उनके पड़ोसियों का कहना है कि तरुण पर हुआ हमला सुनियोजित था। भीड़ ने बकायदा इंतजार किया कि जब तरुण आएगा तब वो उसे मारेंगे।

ऑपइंडिया से बातचीत में पड़ोसी बोले- “उस दिन कोई इतनी बड़ी बात नहीं हुई थी सिर्फ एक छोटा से गुब्बारा था। वो भी महिला को लगा नहीं था। सिर्फ जमीन पर गिरा था और छीटें उस महिल पर चले गए। इतनी सी बात पर 45 साल की औरत ने पूरे परिवार को गाली दी। परिवार ने माफी माँगते हुए विनती भी की कि बच्ची को माफ कर दें और बात खत्म करें लेकिन उस महिला ने कुछ नहीं सुना।”

पड़ोसी के अनुसार, थोड़ी देर में 40-50 लोगों की भीड़ आई। उन्होंने घर में सबको पीटना शुरू कर दिया। तोड़फोड़ की गई, माँ के कपड़े फाड़े गए, ब्लाउज फाड़ा गया। सब बर्बाद किया गया। आगे पड़ोसी महिला ने बताया कि हमलावर यही नहीं रुके, उन्होंने तरुण के घर लौटने का इंतजार किया। उसे मारने की योजना बनाई।

चश्मदीदों के अनुसार, भीड़ का पूरा प्लान था तरुण को मार डालने का। वो घर पर देर से आया था, उसे कुछ पता भी नहीं था। उसने जैसे ही अपनी बाइक पार्क की, वो लोग उसे पीटने लगे। भीड़ में शामिल आदमी-औरत-छोटे बच्चे यहाँ तक बच्चियाँ भी उस पर टूट पड़े। उनके हाथ में रॉड-पत्थर-ईंट जो था उससे उन्होंने तरुण को तब तक मारा जब तक वो मरा नहीं।

पड़ोसी महिला ने ये भी बताया कि भीड़ ने हमला करने से पहले पड़ोसियों के घर को लॉक कर दिया था ताकि कोई बचाने वाला न आ सके। महिला ने दावा किया कि आरोपितों के घर में हथियार हैं, घरों की तलाशी होगी तो सब पता चलेगा। घटना वाले दिन पुलिस से शिकायत की गई थी लेकिन वो भी लेट आए। अगर समय पर आते तो शायद युवक बच जाता।

बता दें कि 4 मार्च की इस घटना के बाद से पीड़ित हिंदू परिवार का बुरा हाल है। दिल्ली पुलिस ने केस रजिस्टर किया है। वहीं प्रशासन ने आरोपितों के घर पर बुलडोजर कार्रवाई भी की है।