जिनके पास PNG उन्हें नहीं मिलेगा LPG का कनेक्शन, केंद्र सरकार ने रिफिलिंग को लेकर भी बनाए नए नियम

मिडिल में जारी संकट के बीच ईंधन आपूर्ति को संतुलित रखने के लिए मोदी सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। सरकार ने निर्देश दिया है कि जिन परिवारों के घर में पहले से पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा है, वे अपना घरेलू एलपीजी कनेक्शन बंद कर दें।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शनिवार (14 मार्च 2026) को इस संबंध में एक अधिसूचना जारी कर LPG की आपूर्ति और वितरण से जुड़े नियमों में संशोधन किया। नए नियम के मुताबिक, जिन लोगों के पास पहले से PNG का कनेक्शन है, वे घरेलू LPG कनेक्शन नहीं रख सकेंगे और न ही किसी सरकारी तेल कंपनी या उसके वितरकों से गैस सिलेंडर की रिफिल ले सकेंगे।

सरकार ने यह भी कहा है कि जिन परिवारों के पास पहले से PNG कनेक्शन है, उन्हें तुरंत अपना LPG कनेक्शन बंद करना होगा। इसके साथ ही नए नियम में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन लोगों के पास पहले से LPG कनेक्शन है, वे PNG होने की स्थिति में नया LPG कनेक्शन नहीं ले सकेंगे।

यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और संघर्ष के कारण दुनिया भर में ईंधन आपूर्ति प्रभावित हो रही है। भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति को लेकर है। यह एक प्रमुख समुद्री मार्ग है, जिसके जरिए दुनिया की लगभग 20% तेल आपूर्ति गुजरती है।

ईरान ने 13 मार्च को भारतीय झंडा लगे दो LPG जहाजों शिवालिक और नंदा देवी को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी थी। यह मार्ग मार्च के पहले सप्ताह से ही ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष के कारण काफी हद तक बंद था।

भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने बताया कि कुछ भारतीय जहाजों को जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी गई है। हालाँकि उन्होंने यह नहीं बताया कि ऐसे जहाजों की संख्या कितनी थी। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और ईरान के बीच लंबे समय से संबंध रहे हैं और दोनों देशों के कई साझा हित भी हैं।

यह स्थिति भारत के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि देश अपनी कुल LPG जरूरत का करीब 60% आयात करता है। इसमें से लगभग 85% से 90% LPG खाड़ी देशों जैसे सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से आती है, जिसे होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते भारत तक पहुँचाया जाता है।