कौन लगा रहा ट्रेनों में आग? पेट्रोल में भीगा कपड़ा और बिस्तर को जलाने की साजिश का खुलासा, रेलवे ने शुरू की जाँच

बीते कुछ दिनों में ट्रेनों में आग लगने के कई मामले सामने आए हैं। मध्य प्रदेश के रतलाम में राजधानी एक्सप्रेस के AC कोच में लगी भीषण आग, पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्टेशन पर मिथिला एक्सप्रेस के बाथरूम से उठता धुआँ, बिहार के सासाराम स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन की जलती बोगी और राजस्थान के कोटा में राजधानी एक्सप्रेस के टॉयलेट से उठी लपटों ने सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए थे।

शुरुआत में इन घटनाओं को शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी माना जा रहा था, लेकिन अब भारतीय रेलवे ने खुलासा करते हुए इन मामलों के पीछे असामाजिक तत्वों की साजिश की आशंका जताई है।

रेलवे का कहना है कि जाँच के दौरान कई ऐसे सबूत मिले हैं, जो जानबूझकर आग लगाने की तरफ इशारा करते हैं। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बाद रेलवे और सुरक्षा एजेंसियाँ अलर्ट मोड पर हैं, जबकि यात्रियों से भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत हेल्पलाइन 139 पर देने की अपील की गई है।

हावड़ा में बाथरूम से मिला पेट्रोल में भीगा कपड़ा

पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्टेशन पर 13021 हावड़ा-रक्सौल मिथिला एक्सप्रेस में आग लगने की घटना को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। ट्रेन में धुआँ उठने के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत कोच खाली कराया। आग पर काबू पाने के बाद जब रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और GRP ने जाँच शुरू की तो ट्रेन के बाथरूम से पेट्रोल में भीगा हुआ कपड़ा बरामद हुआ। इसी कपड़े में आग लगाकर पूरी बोगी को स्वाहा करने की कोशिश की गई थी।

शुरुआती जाँच में आशंका जताई गई है कि आग सामान्य तकनीकी खराबी से नहीं बल्कि किसी शरारती तत्व की हरकत से लगी हो सकती है। रेलवे अधिकारी अब सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि पेट्रोल में भीगा कपड़ा ट्रेन के अंदर कैसे पहुँचा।

अमरपुरा: लिनेन जलाने की कोशिश

राजस्थान के अमरपुरा स्टेशन के पास ट्रेन में आग लगने की घटना में शुरुआती जाँच के दौरान चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। रेलवे सूत्रों के अनुसार किसी व्यक्ति ने ट्रेन के अंदर मौजूद लिनेन यानी बिस्तर सामग्री (चादर और कंबल) को जलाने की कोशिश की थी। घटना के दौरान कोच से धुआँ निकलता देख यात्रियों और रेलवे स्टाफ में हड़कंप मच गया।

कर्मचारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आग को फैलने से पहले नियंत्रित कर लिया। जाँच एजेंसियों का मानना है कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं थी क्योंकि आग सीधे लिनेन सामग्री में लगी थी जो आसानी से जल सकती है। रेलवे सुरक्षा बल अब यह पता लगाने में जुटा है कि आग लगाने वाला व्यक्ति कौन था और उसका उद्देश्य क्या था।

सासाराम: कोच में बाहर से फेंकी गई जलती वस्तु

बिहार के सासाराम रेलवे स्टेशन पर खड़ी सासाराम-पटना पैसेंजर ट्रेन में आग लगने की घटना ने अधिकारियों को सतर्क कर दिया। घटना के वक्त पैसेंजर ट्रेन खड़ी थी और माना जा रहा है कि उसी वक्त किसी ने बाहर से कोई जलती हुई वस्तु कोच के अंदर फेंकी थी।

पहले इस घटना को शॉर्ट सर्किट माना जा रहा था, लेकिन अब रेलवे इसमें भी साजिश के एंगल की जाँच कर रहा है। रेलवे का कहना है कि इन सभी घटनाओं में एक जैसी गतिविधियाँ दिखाई दे रही हैं, इसलिए इन्हें सामान्य हादसा मानना जल्दबाजी होगी।

रतलाम की घटना के बाद बढ़ी सख्ती

इन घटनाओं के बीच सबसे बड़ी घटना मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में सामने आई, जहाँ तिरुवनंतपुरम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस के एसी कोच में भीषण आग लग गई थी।

सुबह करीब 5:15 बजे बी-1 कोच में लगी आग के समय उसमें 68 यात्री सवार थे। राहत की बात यह रही कि सभी यात्रियों को 15 मिनट के अंदर सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।

आग इतनी भयानक थी कि कोच से काले धुएँ का बड़ा गुबार उठने लगा और आग रेलवे ट्रैक के किनारे लगे पेड़ों तक फैल गई। इस घटना के कारण करीब 18 ट्रेनों को प्रभावित किया और कई ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा।

लगातार सामने आ रही घटनाओं को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल यानी RPF को विस्तृत जाँच की जिम्मेदारी दी गई है। रेलवे अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि देश के रेलवे नेटवर्क को निशाना बनाने के पीछे आखिर कौन लोग हैं।