‘देश धर्मशाला नहीं, घुसपैठियों को करेंगे डिटेक्ट-डिलीट-डिपोर्ट’: विपक्ष की राजनीति पर जमकर बरसे अमित शाह, बताया- भारत में कैसे बढ़ी मुस्लिम आबादी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घुसपैठ के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। अमित शाह ने स्पष्ट किया कि 1951 से 2011 तक हिंदू और मुस्लिम आबादी की वृद्धि दर में असमानता का मुख्य कारण घुसपैठ है। उन्होंने कुछ राजनीतिक दलों पर वोट बैंक की राजनीति के लिए घुसपैठियों को आश्रय देने का आरोप लगाया।

अमित शाह ने यह भी चेताया कि यदि घुसपैठ पर रोक नहीं लगी तो ‘देश धर्मशाला बन जाएगा’। गृह मंत्री ने शरणार्थियों और घुसपैठियों के बीच अंतर स्पष्ट किया और दोहराया कि भाजपा ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ के सूत्र पर काम करेगी। साथ ही, उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि देश में रह रहे मुस्लिमों के अधिकारों पर कोई सवाल नहीं उठाया जाएगा।

जनसंख्या वृद्धि में असमानता और कारण

गृह मंत्री अमित शाह ने जनगणना के आँकड़े प्रस्तुत किए। अमित शाह के ऑफिशियल X हैंडल पर जानकारी बताई गई है। अमित शाह ने बताया कि 1951 से 2011 तक हिंदू आबादी का प्रतिशत 84.1% से घटकर 79% हो गया। वहीं, मुस्लिम आबादी का प्रतिशत 9.8% से बढ़कर 14.2% हो गया।

अमित शाह ने वृद्धि दर का भी जिक्र किया। 2001-2011 के दौरान हिंदू जनसंख्या में वृद्धि दर 16.8% थी। इसके मुकाबले मुस्लिम आबादी की वृद्धि दर 24.6% रही। गृह मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि जनसंख्या वृद्धि दर में यह असमानता घुसपैठ के कारण है।

वोट बैंक की राजनीति के लिए घुसपैठियों को मिला आश्रय

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घुसपैठ पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कुछ राजनीतिक दलों पर वोट बैंक की राजनीति के लिए घुसपैठियों को आश्रय देने का आरोप लगाया। अमित शाह ने चेतावनी दी कि यदि घुसपैठ नहीं रुकी तो देश ‘धर्मशाला’ बन जाएगा, इसलिए इस पर रोक लगाना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक है। अमित शाह ने स्पष्ट किया कि गुजरात और राजस्थान जैसी सीमाएँ होने के बावजूद घुसपैठ न होना बताता है कि यह राजनीतिक संरक्षण का विषय है।

शाह ने शरणार्थी और घुसपैठियों में अंतर बताया। उन्होंने कहा कि धार्मिक प्रताड़ना से बचने वाले लोग शरणार्थी हैं, जिनका भारत हमेशा स्वागत करेगा, खासकर पड़ोसी देशों के प्रताड़ित हिंदुओं को स्वीकार किया जाएगा।

इसके विपरीत, आर्थिक कारणों से अवैध रूप से आने वाले लोग घुसपैठिये हैं, जिन पर सख्ती से अंकुश लगेगा। उन्होंने झारखंड में जनजातीय आबादी की गिरावट का कारण भी बांग्लादेश से घुसपैठ को बताया। साथ ही, अवैध प्रवासन के अध्ययन के लिए हाई-पावर्ड डेमोग्राफिक मिशन की घोषणा का उल्लेख किया।

गृह मंत्री ने भाजपा के पुराने संकल्प ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ को दोहराया। इसका अर्थ है घुसपैठियों को पहचानना, मतदाता सूची से हटाना, और देश से निर्वासित करना। उन्होंने कहा कि विवादों की परवाह किए बिना देश की संस्कृति और लोकतंत्र की रक्षा करना भाजपा की प्राथमिकता है। अमित शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत में रह रहे मुस्लिमों के अधिकारों पर कोई प्रश्न नहीं उठाया जाएगा और मतदाता सूची शुद्धिकरण (SIR) प्रक्रिया का भी समर्थन किया