कोडिन सिंडिकेट में धराया अखिलेश यादव का करीबी अमित यादव, वाराणसी से खींचकर ले गई ATS: CM योगी ने सपा प्रमुख संग दिखाई थी फोटो

उत्तर प्रदेश में कोडिन कफ सिरप केस में ATS ने शनिवार (14 फरवरी 2026) को वाराणसी से शुभम जायसवाल सिंडीकेट के सदस्य और आरोपित अमित यादव को गरिफ्तार किया है। समाजवादी पार्टी की युवजन सभा का प्रदेश सचिव रहे अमित यादव को सपा प्रमुख अखिलेश यादव का करीबी भी बताया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, STF ने आरोपित को खींचकर गाड़ी में बैठाया और पुलिस लाइन ले जाकर पूछताछ की जिसके बाद टीम आरोपित को लेकर लखनऊ रवाना हो गई। आरोपित पर वाराणसी में तीन और लखनऊ में केस दर्ज हैं।

CM योगी ने दिखाई थी अखिलेश यादव के साथ फोटो

दिसंबर 2025 में उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में अमित यादव से जुड़े मामले को प्रमुखता से उठाया। चर्चा के दौरान उन्होंने एक तस्वीर भी दिखाई जिसमें अमित यादव समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ नजर आ रहा था। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अमित यादव सपा प्रमुख के करीबी लोगों में शामिल रहा है।

सदन में यह मामला उठने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई। सोशल मीडिया पर भी अमित यादव और अखिलेश यादव की साथ की कई तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं। इसी बीच अमित यादव के लापता होने की सूचना सामने आई, जिसके बाद उसकी तलाश के लिए टीमें सक्रिय कर दी गईं थी।

कैसे हुई अमित यादव की गिरफ्तारी?

कफ सिरप सिंडिकेट के खिलाफ चल रही कार्रवाई में एसटीएफ ने कई अहम गिरफ्तारियाँ की हैं। पूछताछ के दौरान विभोर राणा, विशाल सिंह, अमित कुमार सिंह उर्फ टाटा और आलोक कुमार सिंह से मिली जानकारी के आधार पर अमित यादव का नाम सामने आया। इसके बाद उसे वाराणसी में काशीधाम के पास हरहुआ रिंग रोड से गिरफ्तार किया गया।

जाँच में पता चला है कि अमित यादव वाराणसी स्थित हरिश्चंद्र स्नातकोत्तर कॉलेज का पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुका है। कॉलेज चुनाव के दौरान उसकी पहचान छात्र शुभम जायसवाल से हुई थी। शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद की ‘शैली ट्रेडर्स’ नामक फर्म के जरिए एबॉट कंपनी की कोडीन युक्त फेन्सेडिल कफ सिरप का कारोबार राँची (झारखंड) और चलाया जा रहा था।

जाँच एजेंसियों के अनुसार, कोडीन युक्त फेन्सेडिल कफ सिरप का दुरुपयोग नशे के रूप में किया जाता है और इसकी माँग पश्चिम बंगाल तथा बांग्लादेश में अधिक बताई जाती है।

पूछताछ में आरोपित ने बताया कि शुभम जायसवाल के कहने पर उसने अपनी फर्म ‘जीएल सर्जिकल’ (सप्तसागर दवा मंडी, थाना कोतवाली, वाराणसी) के नाम से लगभग एक लाख बोतल कफ सिरप खरीदी थी, जिसकी कीमत करोड़ों रुपए बताई गई है। आरोप है कि इन बोतलों को अन्य फर्मों में फर्जी बिक्री के रूप में दर्शाकर तस्करों को ऊँचे दाम पर बेचा गया जिससे लाभ कमाया। फिलहाल मामले की विस्तृत जाँच जारी है।